डाक विभाग में नौकरी लगाने की एवज में करीब सात लाख रुपये ऐंठने के आरोप में पुलिस ने बिजली निगम के एएलएम के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने गांव हंसगा के मुकेश कुमार की शिकायत पर एएलएम वीरेंद्र कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने यह मामला जिला पुलिस कप्तान राजेश कुमार के आदेश पर दर्ज किया है।
शिकायतकर्ता मुकेश कुमार ने बताया कि वह रतिया अनाज मंडी में मुनीम है। 25 जुलाई 2020 को रतिया के तहसील कार्यालय में वीरेंद्र कुमार नामक व्यक्ति से मुलाकात हुई थी। उक्त व्यक्ति ने उसके भाई राकेश को सरकारी नौकरी लगवाने के बारे में विश्वास दिलवाया था। नौकरी लगवाने की एवज में उससे 7 लाख रुपये मांगे, जिसके बदले में उसने अपने चेक देने की कही थी। शिकायतकर्ता ने एसपी को बताया कि एएलएम ने कहा था कि उसकी पहुंच ऊपर तक है और वह उसके भाई को डाक विभाग में नौकरी लगवा देगा। उसकी बातों में आकर 25 अगस्त 2020 को आढ़ती के खाता नंबर से आरटीजीएस द्वारा डेढ़ लाख रुपये व 23 अगस्त 2020 को साढ़े तीन लाख रुपये उसके एचडीएफसी बैंक की रतिया शाखा के खाते में डलवाए थे। उसने बताया कि वीरेंद्र कुमार ने उसे आरटीजीएस करवाने के बदले व नौकरी लगवाने पर विश्वास बनाने के लिए उसे अपने दो चेक नंबर 395 में 3 लाख रुपये तथा चेक नंबर 396 में 2 लाख रुपये भरकर दिए थे। 6 अक्तूबर 2020 को वीरेंद्र के कहने पर ही मंडी की दुकान नंबर 82 पर दो लाख रुपये दिए गए और इसके बदले में भी उसने 2 लाख का चेक एक्सिस बैंक रतिया शाखा का दिया। समयावधि के तहत उक्त व्यक्ति ने उसके भाई को नौकरी नहीं लगवाई, जिसके संदर्भ में कई बार बात भी की। हर बार आजकल की बात करता रहा। जब भाई को नौकरी लगवाने व उस द्वारा दिए गए पैसों की मांग करने लगे तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रहा था। संबंधित कर्मचारी से की गई बात की कॉल रिकॉर्डिंग भी उसके पास है। उसे पता चला कि संबंधित व्यक्ति ने रतिया व आसपास के लोगों को विश्वास में लेकर काफी लोगों से नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये ऐंठ रखे हैं, जिस पर उसे भी विश्वास हो गया कि संबंधित कर्मचारी ने उनके साथ धोखा किया है। पुलिस ने उपरोक्त कर्मचारी के खिलाफ धारा 406, 420 आईपीसी के तहत केस दर्ज किया है।
कोट
एसपी के आदेश पर एएलएम के खिलाफ केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है। मामले की तह तक जाने के लिए प्रयास जारी है।
रूपेश चौधरी, प्रभारी, रतिया शहर थाना।