फतेहाबाद के जाखल में शुक्रवार रात को भाजपा प्रत्याशी अशोक तंवर व राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला के किसान संगठन द्वारा विरोध करने पर सुभाष बराला ने शनिवार को गांव कमालवाला में प्रेस वार्ता की। इस दौरान सुभाष बराला ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना, धरना प्रदर्शन करना व आपसी संवाद से अपनी मांगों को पूरा करवाना सभी का अधिकार है, लेकिन दंगे करके किसी को नुकसान पहुंचाने का अधिकार किसी को नहीं है। किसान भोले-भाले हैं, उनकी आड़ लेकर कुछ लोग षड्यंत्र रचने का काम करते हैं। ऐसी ताकतें पहले भी एक्सपोज हुई हैं, भविष्य में भी होंगी। ऐसा वातावरण कांग्रेस पार्टी के कुछ लोग बना रहे हैं। प्रशासन व चुनाव आयोग को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमारे देश व प्रदेश का भोला भाला किसान अन्न पैदा करके लोगों का पेट भरने का काम करता है, वहीं सीमा पर जाकर देश की रक्षा करने का काम भी करता है। पहले भी किसान भाजपा के साथ था और अब भी है। पहले इन्हीं किसानों-मजदूरों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रदेश की सभी दस सीटें जिता कर उनको मजबूत किया। किसानों की आड़ लेकर कोई भी षड्यंत्र रचें, लेकिन वह कामयाब नहीं होगा। इस बार भी सभी 10 सीटें भाजपा जीतेगी।
बराला ने कहा कि लगभग एक सप्ताह पहले ही उन्होंने जाखल के किसानों से सौहार्दपूर्वक बातचीत की थी। मगर शुक्रवार रात को हनुमान चालीसा कार्यक्रम में भाग लेने गए थे। प्रशासन व आमजन को विचार करना चाहिए कि क्या किसी को राजनीति की आड़ में धार्मिक कार्यक्रम में दखलअंदाजी का अधिकार देना चाहिए। जाखल की घटना की जितनी भी निंदा की जाए, उतनी कम है। सम्मानित लोग हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। भाजपा प्रत्याशी अशोक तंवर और वह दोनों कार्यक्रम में गए। संदेश देकर जब निकल रहे थे, तो यह घटना हुई। समाज को ऐसी घटनाओं का स्वत: संज्ञान लेना चाहिए।