फतेहाबाद। आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में शामिल 20 निजी अस्पताल पात्रों का वीरवार से उपचार नही करेंगे। इसको लेकर आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) की तरफ से फैसला लिया गया है। जिले में करीब 10 करोड़ रुपये निजी अस्पतालों के कलेम के बकाया है। हालांकि पैनल निजी अस्पतालों की तरफ से जिला स्तर पर स्वास्थ्य विभाग को इस संबंध में कोई नोटिस नहीं दिया गया है।
पैनल में शामिल सद्भावना अस्पताल के संचालक डॉ.अंशुल सहगल का कहना है कि आईएमए की तरफ से अभी तक उपचार बंद का ही ऐलान किया गया है। दूसरा अभी तक क्लेम की राशि जारी नहीं हुई है।
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जिले में है करीब 6 लाख पात्र
आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में करीब 6 लाख पात्र शामिल है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में दूरबीन से पित्ते की थैली ऑपरेशन, बच्चे दानी ऑपरेशन, मोतियाबिंद ऑपरेशन व सांस बीमारी संबंधित उपचार बंद किए जा चुके है। जबकि नागरिक अस्पताल में मोतियाबिंद के अलावा अन्य ऑपरेशन की सुविधा नहीं है।
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आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में 20 अस्पताल पैनल में शामिल है। हालांकि जिला स्तर पर उपचार बंद करने को लेकर कोई नोटिस नहीं दिया गया है। क्लेम राशि का भुगतान मुख्यालय स्तर पर शुरू हो गया है।
- डॉ.लाजवंती गौरी, उप सिविल सर्जन