कॉरपोरेशन की ओर से तैयार करवाई गई वातानुकूलित बस में परमाणु ऊर्जा के उत्पादन, खपत, विशेषता, देश में चल रहे संयंत्रों और परमाणु ऊर्जा के उपयोग, प्रभाव और सुरक्षा से जुड़ी जानकारियों को एग्जिबिट्स और पैनल के जरिये दर्शाया गया है। इसके अलावा बस के बाहर की तरफ एलईडी और प्रोजेक्टर्स लगाए गए हैं, जिनमें काफी रोचक जानकारियां दिखेंगी।
कॉरपोरेशन अधिकारियों के मुताबिक गांव गोरखपुर स्थित संयंत्र में पहले चरण में 700-700 मेगावाट की दो यूनिट का निर्माण चल रहा है। पहली यूनिट का काम साल 2028 तक पूरा होगा। गौरतलब है कि साल 2014 में गांव गोरखपुर में अणु परियोजना के संयंत्र का शिलान्यास तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने किया था। पूरी तरह स्वदेशी तकनीकी के इस संयंत्र में कुल 2800 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। यहां 700-700 मेगावाट की चार यूनिट बनेंगी। सारा कार्य साल 2036 तक पूरा होगा। इस संयंत्र निर्माण पर 50 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।
एटम ऑन व्हील अभियान का मुख्य उद्देश्य परमाणु ऊर्जा को लेकर आम जन की भ्रांतियां दूर करना है। हमारे देश में परमाणु ऊर्जा से नुकसान का एक भी केस नहीं हुआ है। परमाणु ऊर्जा संयंत्र व रिएक्टर पूरी तरह सुरक्षित होते हैं। हमारे सैकड़ों इंजीनियर्स और उनके परिवार इन संयंत्रों के दायरे में ही सालों से रहते हैं। -आरएस बरवाला, परियोजना निदेशक, गोरखपुर-हरियाणा अणु विद्युत परियोजना।