फतेहाबाद। जिले के खेतों में रबी की फसलों की बुवाई का समय चल रहा है। परंतु पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद नहीं मिलने के कारण किसान फसलों की बुवाई का काम पूरा नहीं कर पा रहे हैं। खाद केंद्रों पर खाद लेने के लिए किसान चक्कर लगा रहे हैं।
केंद्रों पर खाद का रैक आने पर किसानों को घंटे भर लाइन में लगने के बाद भी आवश्यकता के अनुसार खाद नहीं मिल पा रही है। इस कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खाद की कमी को लेकर किसानों ने बताया कि गेहूं की अगेती किस्म के बुवाई का समय 15 अक्तूबर से लेकर 5 नवंबर तक होता है। ऐसे में खाद नहीं मिलने के कारण किसान अगेती गेहूं की किस्म की बुवाई नहीं कर पाएं हैं।
जिसको लेकर टोहाना और भट्टू खंड के पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के सदस्यों ने कृषि एवं उपनिदेशक अधिकारी डॉ. राजेश सिहाग से मिलकर खाद की मांग की है। अधिकारी ने किसानों को इसी सप्ताह के अंत तक खाद मिलने का आश्वासन दिया है।
डीएपी के स्थान पर किसान ले रहे हैं एनपीके
जिले में डीएपी खाद की किल्लत के चलते किसानों को लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिल पा रही है। जिसके कारण किसानों को डीएपी खाद के स्थान पर एनपीके खाद की खरीद करनी पड़ रही है। सोमवार को इफको खाद केंद्र पर डीएपी मिलने की सूचना पाकर पहुंचे किसान धर्मपाल, लीलू राम, रणवीर और रामस्वरूप आदि ने बताया कि उनको डीएपी खाद लेनी है, लेकिन खाद नहीं मिलने के कारण मजबूरन एनपीके खाद खरीदनी पड़ रही है। जो कि डीएपी खाद से 120 रुपये प्रति बैग महंगी है।
जिले में अभी तक खाद की स्थिति (मीट्रिक टन में)
खाद-मांग-वितरण
यूरिया-67,000-36,982
डीएपी-25,000-14,988
एमओपी-5,000-1,897
एनपीके-1,500-2,449
एसएसपी-1,200-4,934
जिले में अभी तक 14,988 मीट्रिक टन डीएपी खाद का वितरण कर दिया गया है, जो कुल मांग का 60 प्रतिशत है। इस सप्ताह के अंत तक जिले में डीएपी खाद का रैक लगने की उम्मीद है। इसके बाद जिले में खाद की पूर्ति को पूरा कर दिया जाएगा। -डॉ. राजेश सिहाग, उपनिदेशक कृषि विभाग, फतेहाबाद।