फतेहाबाद। लघु सचिवालय बाहर अपनी मांगों के लिए बुधवार को आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं सहायक धरने पर बैठीं और सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई। यह धरना 28 मार्च तक सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक जारी रहेगा। इस दौरान जिला प्रधान सुनीता झलनियां ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जो फोन आंगनबाड़ी वर्कर को दिए गए हैं, वह 3 जीबी रैम के हैं।
इससे मोबाइल पोषण ट्रैकर एप के लगातार अपडेट हो रहे वर्जन में काम नहीं कर रहे। ऐसे में उनकी मांग है कि आंगनबाड़ी वर्कर्स को अच्छी क्वालिटी के मोबाइल फोन दिए जाएं, जिनमें एप सही ढंग से काम कर सके। आंगनबाड़ी में कभी बच्चों की दादी, कभी बच्चों की मां खाना लेकर जाती हैं। ऐसे में एक व्यक्ति की ओर से राशन लेकर जाने की शर्त हटाए जाए।
पोषण ट्रैकर एप में फोटो कैप्चर केवाईसी करते हुए ओटीपी देना होता है, जिससे साइबर ठगी का डर बना रहता है। ऐसे में वह ओटीपी बच्चों के परिजन ओटीपी देने में असमर्थ हैं। वहीं आंगनबाड़ी वर्करों को कभी मानदेय रोकने की तो कभी नोटिस निकालने जैसी तरह-तरह की धमकियां दी जा रही हैं। इसके अलावा उन्होंने खाली पड़े पदों को भरने और प्रमोशन में 25 प्रतिशत के बजाय 50 प्रतिशत कोटा होना चाहिए।
अपने सेंटर के अलावा दूसरे आंगनबाड़ी का काम संभाल रही वर्कर को कम से कम आधा मानदेय अलग से दिया जाए। इस धरने की अध्यक्षता आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन की जिला प्रधान सुनीता झलनियां ने की व संचालन माया पूनिया ने किया। इस दौरान सीटू नेता बेगराज, ओमप्रकाश अनेजा, जगीर सिंह, अध्यापक संघ के जिला प्रधान बेगराज और आंगनबाड़ी वर्कर उपस्थित रहीं।