स्वास्थ्य विभाग द्वारा दूसरी लहर के दौरान लिए गए सैंपलों की रैंडम जांच में रतिया निवासी एक व्यक्ति में अल्फा वेरिएंट (यूके स्ट्रेन) मिला है। मार्च माह में व्यक्ति संक्रमित मिला था और उसका सैंपल अग्रोहा लैब ने रैंडम जांच के लिए दिल्ली भेजा था। जांच में व्यक्ति में अल्फा वेरिएंट मिला है। हिसार के स्वास्थ्य विभाग प्रशासन ने इस संबंध में सिविल सर्जन कार्यालय फतेहाबाद को सूचना दी है। राहत की बात यह है कि जिस व्यक्ति में अल्फा वेरिएंट मिला है, वह बिल्कुल स्वस्थ है। मार्च में जब कोरोना संक्रमित मिला था, तब भी उसे अस्पताल में दाखिल होने की जरूरत नहीं पड़ी थी। होम आइसोलेशन के दौरान ही स्वस्थ हो गया था। अधिकारियों की मानें तो जिस व्यक्ति की रिपोर्ट में अल्फा वेरिएंट मिला है, उसकी ट्रैवेल हिस्ट्री भी नहीं है।
कोट
मार्च माह में विभाग ने सैंपल लिए थे। अग्रोहा ने ये सैंपल रैंडम जांच के लिए दिल्ली लैब भेजे थे ताकि अल्फा वेरिएंट का पता लगाया जा सके। हिसार में यह रिपोर्ट पहले आ गई थी, उस समय इसे वहीं दर्ज किया गया। अब जब डाटा की जांच हुई तो पता लगा कि ये सैंपल रतिया निवासी व्यक्ति का है। हमारे पास मेल से सूचना आ गई है। व्यक्ति बिल्कुल स्वस्थ है।
- डॉ. वीरेश भूषण, सिविल सर्जन, फतेहाबाद।