फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग अब गांवों में शिविर लगाकर शुगर और बीपी के साथ-साथ टीबी मरीजों की भी जांच करेगा। पीएचसी स्तर पर 15-15 दिन के शिविर लगाए जाएंगे। इस दौरान लोगों के बीपी और शुगर की जांच होगी और बीमारी मिलने पर उपचार शुरू होगा। शिविर में पोर्टेबल मशीन से लोगों के छाती के एक्सरे किए जाएंगे। अगर जांच दौरान लक्षण मिलते है तो टीबी का उपचार शुरू होगा।
लोगों की ज्यादा से ज्यादा स्क्रीनिंग करके समय रहते उपचार शुरू करने के मकसद से विभाग ने ये कदम उठाया है। विभाग की तरफ से पहले चरण में जनवरी माह का शेड्यूल जारी किया गया है। इसमें पहले 15 दिन गांव बीघड़ पीएचसी के तहत गांवों में शिविर लगेंगे। इसके बाद 15 दिन भट्टूकलां पीएचसी में कैंप लगाए जाएंगे। एक जनवरी से गांव बीघड़ पीएचसी में शिविर शुरू किए गए हैं।
वीरवार को गांव बीघड़ में शिविर लगाया गया और जांच की गई। इस दौरान 101 मरीजों के एक्सरे किए गए है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बीघड़ में टीबी स्क्रीनिंग व एनसीडी शिविर में डॉ. रुस्तम चिकित्सा अधिकारी, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर डॉ. अमित कुमार, सरपंच प्रतिनिधि मनोज कुमार, ग्राम सचिव सपना, एनसीडी के नोडल अधिकारी डॉक्टर हेमंत सोनी, कपिल कुमार, सुशील कुमार बिश्नोई, वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर की तरफ से धर्मशील शुक्ला, रेडियोग्राफर हनुमान वर्मा उपस्थित रहे।
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टीबी के ये हैं लक्षण-
- दो सप्ताह से ज्यादा खांसी या खांसी में बलगम या बलगम में खून आना
- लगातार वजन कम होना
- भूख ना लगना
- दोपहर बाद बुखार आना
- रात को पसीना आना
- छाती में दर्द
- शरीर के किसी भी हिस्से पर गांठ होना
- नवजात शिशुओं का वजन न बढ़ना।
- कमजोरी महसूस होना
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जो मरीज टीबी बीमारी का इलाज ले रहे हैं उनको सरकार की तरफ से निक्षय पोषण योजना के तहत हर माह 1000 रुपये पोषण भत्ता दिया जाता है। पोषण योजना का लाभ लेने के लिए टीबी मरीज को स्वास्थ्य संस्था में अपना आधार कार्ड व बैंक खाते की फोटोकॉपी जमा करवानी अनिवार्य है।
-डॉ. अमित कुमार, जिला क्षय रोग अधिकारी