फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में मरम्मत कार्य के चलते प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र करीब तीन माह से बंद पड़ा है। यह केंद्र लोगों को 70 प्रतिशत तक की छूट पर दवाइयां उपलब्ध कराता हैं। इसके बंद होने से लोगों को बाहर से दवाइयां महंगी दरों पर खरीदनी पड़ रही है।
प्रधानमंत्री जन औषधी केंद्र के बंद होने से ज्यादातर परेशानी गरीब मरीजों को हो रही है। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र से उन्हें जो 70 फीसदी की छूट पर दवाइयां मिल जाती है। अगर किसी को 1000 रुपये की दवाई लेनी है तो वहीं दवाइयां यहां से मात्र 300 रुपये में मिल जाती है। अब यहीं दवाइयां बाहर की निजी मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही हैं।
वहीं अस्पताल बने दवाखाना में बहुत सी दवाइयां ऐसी हैं जिनका स्टॉक खत्म हो चुका है। मरीजों को अगर 10 प्रकार की दवाई लिखी जाती है तो इसमें से तीन से चार दवाइयां बाहर से लेनी पड़ती हैं।
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मेरी शुगर और बीपी की दवा प्रधानमंत्री जन औषधी केंद्र से लेने पर 600 रुपये का खर्च आता था। जन औषधि केंद्र बंद होने के बाद अब 1500 रुपये से ज्यादा लग रहे हैं। ऐसे में मुझे पिछले तीन महीनों से परेशानी हो रही है।
-रमेश कुमार, निवासी माजरा।
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मैं नागरिक अस्पताल में एलर्जी की दवाई लेने पहुंची हूं। डॉ. प्रीत कौर ने मुझे 5 प्रकार की दवाई लिखी हैं, इसमें से मुझे मात्र तीन ही दवाइयां अस्पताल से मिली हैं। बाकी दो प्रकार की दवाइयां बाहर एक निजी मेडिकल से ली हैं, जो की मुझे 400 रुपये की मिली है। जबकि प्रधानमंत्री जन औषधी केंद्र से यहीं दवाई में मुझे मात्र 120 रुपये में मिल जाती थी।
-मीरा, निवासी फतेहाबाद।
:: अस्पताल का मरम्मत कार्य लगभग पूरा हो चुका है। जल्द औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएं और प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र को जल्द शुरू कर दिया जाएगा।
-डॉ. बुधराम रंगा, सीएमओ, फतेहाबाद।