फतेहाबाद। जिले की अनाज मंडियों में प्रतिदिन धान की आवक बढ़ रही है, मगर खरीद प्रक्रिया धीमी चलने के कारण किसान अपनी फसलों को सरकारी भाव पर नहीं बेच पा रहे हैं। जिले में अभी तक परमल धान की खरीद 4899 मीट्रिक टन हुई है। इसमें से खाद्य आपूर्ति विभाग ने 25 मीट्रिक टन धान की खरीद की है।
इसी तरह हैफेड ने 2,770 मीट्रिक टन और वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन ने 2,104 मीट्रिक टन धान की सरकारी खरीद की है। मगर अभी तक उठान शुरू नहीं हुआ है। जिसके कारण किसानों के खातों में भुगतान नहीं हो पाया है। बता दें कि राइस मिलरों ने इस बार परमल धान की खरीद करने के लिए पंजीकरण नहीं करवाया है। इसके चलते खरीद एजेंसियों द्वारा धान की सरकारी खरीद की जा रही है। इससे जिले की अनाज मंडियों में धान की खरीद तेजी नहीं पकड़ पाई है।
ऐसे में किसानों को अपनी फसल को बेचने के लिए 15 दिनों से भी अधिक समय बीत गया है। किसान अभी भी अपनी फसलों को लेकर मंडी खरीदारों के आने का इंतजार करने पर मजबूर हैं। मंडी में आए किसानों रमेश कुमार, राजेंद्र सिंह, दिलबाग सिंह, महेंद्र सिंह, नरेंद्र कुमार आदि ने बताया कि उनकी फसलों में नमी की मात्रा 15 प्रतिशत या इससे भी कम है। सरकार द्वारा धान की सरकारी खरीद के लिए तय मानक 17 प्रतिशत है। फिर भी उनकी फसलों को खरीदार नहीं मिल रहे हैं। खरीद की हुई फसल का उठान शुरू नहीं किया गया है। इससे मंडियों में अब किसानों को फसल रखने के लिए जगह नहीं मिल पा रही है।
इस मौके पर टोहाना ब्लाॅक प्रधान मनजीत पूर्णमाजरा, भूना से कमल बराड़, जिला सचिव महेंद्र मोची, रतिया ब्लाॅक प्रधान गुरप्यार बाड़ा सहित काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।
जिले में धान की खरीद का काम जोरों पर चल रहा है। खरीद एजेंसियों के द्वारा धान की सरकारी खरीद की जा रही है।
-विनीत जैन, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक, फतेहाबाद