फतेहाबाद। ठंड ने अपना सितम दिखाना शुरू कर दिया है, रात का तापमान में लगातार गिरावट हो रही है। प्रशासन ने रैन बसेरा को लेकर बैन लगाकर वाहवाही लूटनी शुरू कर दी है। जबकि सड़क पर जरूरतमंद लोग ठिठुर रहे हैं। बोर्ड में शहर में चार रैन बसेरा दिखाए गए हैं जबकि जमीनी हकीकत ये है कि पंचायत भवन में रैन बसेरा ही नहीं है और जो संपर्क नंबर दिए गए हैं, वह भी गलत है।
इसके अलावा धर्मशालाओं में जो रैन बसेरा की व्यवस्था बताई जा रही है, उसका कोई फायदा नहीं मिल रहा है। रात 9 बजे के बाद यहां पर ताला लग जाता है। रैन बसेरा की व्यवस्था को लेकर संवाददाता ने पड़ताल की, जिसमें हकीकत सामने आई। पंचायत भवन में रैन बसेरा की जगह पर सेफ हाउस मिला। जिन दो धर्मशालाओं में रैन बसेरा दिखाए गए, वहां पर ताला लटके मिले। वहीं, शहर में कई लोग सड़क पर ठंड में सोते मिले। किसी को रैन बसेरा का पता ही नहीं था और किसी ने यह भी कहा कि उन्हें वहां कोई घुसने नहीं देता है।
रामसेवा समिति धर्मशाला : 10 बजकर 54 मिनट
शहर के अनाज मंडी के पास स्थित रामसेवा समिति धर्मशाला का रात को निरीक्षण किया गया। रात को जब 10 बजकर 54 मिनट पर पहुंचे तो गेट को ताला लटका मिला। गेट खटखटाया गया लेकिन कोई नहीं आया।
अग्रवाल धर्मशाला : 10 बजकर 52 मिनट
प्रशासन ने बस स्टैंड के पास अग्रवाल धर्मशाला में रैन बसेरा की व्यवस्था कर रखी है। यहां पर रात को 10 बजकर 52 मिनट पर पहुंचे तो ताला लटका मिला। आसपास कोई कर्मचारी भी नहीं मिला।
एमसी कॉलोनी मोड़ : 11 बजकर 6 मिनट
शहर के एमसी कॉलोनी मोड़ के पास रात 11 बजकर 6 मिनट पर एक व्यक्ति सोया मिला। जब उससे बात की गई तो उसने कहा कि उसे रैन बसेरा की जानकारी नहीं है।
लालबत्ती चौक : 11 बजकर 5 मिनट
नगर परिषद से कुछ कदम दूर लालबत्ती चौक पर एक व्यक्ति रिक्शा पर सोया मिला। व्यक्ति को जब कहा गया कि नजदीक रैन बसेरा है तो उसने जवाब दिया कि यहां सोने के लिए सिफारिश लगवानी पड़ती है।
लेबर शेड : 11 बजकर 3 मिनट
शहर के पुराना बस स्टैंड के पास स्थित लेबर शेड के पास रात को 11 बजकर 3 मिनट पर निरीक्षण किया गया। यहां पर व्यक्ति सीमेंट के बेंच पर सोया मिला। उसे रैन बसेरा के बारे में कहा गया तो उसने जवाब दिया कि उसे इसकी जानकारी नहीं है।
दुर्गा मंदिर के सामने : 11 बजकर 7 मिनट
शहर के दुर्गा मंदिर के पास एक बुजुर्ग दुकान के बाहर बैठा मिला। बुजुर्ग ने बताया कि वह यहीं सोता है। जब उसे रैन बसेरा बारे कहा गया तो उसने कहा कि हमें कौन वहां जाने देता है।
पंचायत भवन में रैन बसेरा ही नहीं, सेफ हाउस चल रहा
नगर परिषद ने दो साल पहले रैन बसेरा को लेकर प्रचार में जो बोर्ड लगाए थे, उन्हें अब वैसे ही लगा दिया है और उसमें पंचायत भवन में रैन बसेरा दिखाया गया है और संपर्क नंबर दिए गए हैं। जबकि हकीकत ये है कि पंचायत भवन में रैन बसेरा ही नहीं है और उसकी जगह पर सेफ हाउस बना दिया गया है। संपर्क के लिए जिन कर्मचारियों के नंबर दिए गए हैं उनकी वहीं ड्यूटी नहीं है।
नप के रैन बसेरा में रुके अब तक तीन ही लोग
नगर परिषद कार्यालय में बनाए गए रैन बसेरा में अब तक मात्र तीन ही लोग रुके हैं। यहां तैनात कर्मचारी तिलकराज का कहना है कि रैन बसेरा 11 बजे तक खुला रहता है। अब तक यहां पर तीन ही लोग आकर रुके हैं।
कोट
धर्मशाला का गेट रात को 9 बजे तक खुला रहता है, उसके बाद रात को अगर कोई फोन करेगा तो उसकी जांच करने के बाद खोला जाएगा। अभी तक रैन बसेरा में कोई नहीं आया है।
- श्रवण कुमार, मैनेजर, अग्रवाल धर्मशाला
कोट
पंचायत भवन में रैन बसेरा बनाया जाना था, लेकिन बाद में मना हो गया। फिलहाल ज्यादा रैन बसेरा की जरूरत नहीं है। धर्मशाला और नप कार्यालय में चल रहा है।
- ऋषिकेश चौधरी, ईओ, नगर परिषद
नगर परिषद कार्यालय के नजदीक रात में रिक्शे पर ही सोया रिक्शाचालक। फोटो: लिंकन गिल्होत्रा।- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद में दुर्गा मंदिर के पास बैठा व्यक्ति।- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद में अग्रवाल धर्मशाला का बंद पड़ा मुख्य गेट।- फोटो : Fatehabad