फतेहाबाद। फसल खराबे की रिपोर्ट में अनियमितताओं को लेकर डीसी प्रदीप कुमार ने राजस्व विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को जमकर डांट पिलाई है। डीसी ने फसल खराबे की तय मापदंडों के अनुसार रिपोर्ट नहीं करने वाले कानूनगो और पटवारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं। उपायुक्त मंगलवार को राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में खराब फसलों के मुआवजा वितरण की समीक्षा कर रहे थे।
उपायुक्त ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि 31 मार्च तक फसल खराबे का मुआवजा किसानों में वितरित कर दिया जाए। भूना और रतिया तहसील में तय मानदंडों अनुसार खराबे की रिपोर्ट नहीं बनाने वाले पटवारी और कानूनगो को कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा है। उन्होंने एसडीएम से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र में फसल खराबे का मुआवजा वितरण करवाना सुनिश्चित करें।
बैठक में एडीसी अजय चोपड़ा, एसडीएम राजेश कुमार, डॉ. चिनार चहल, सुभाष चंद्र, सीटीएम सुरेश कुमार, जिप अतिरिक्त सीईओ अमित कुमार, डीआरओ हरिओम अत्री, डीडीपीओ बलजीत चहल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
अगले आठ दिनों में वितरित होगा 49 प्रतिशत मुआवजा
प्रदेश सरकार द्वारा जिले में 95 करोड़ 39 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है। अभी तक अधिकारी मार्च महीने के 20 दिनों में 51 प्रतिशत मुआवजा किसानों में बांट चुके हैं। मगर मुआवजा वितरण की इस रफ्तार से डीसी नाराज दिखाई दिए। उन्होंने 31 मार्च तक सौ फीसदी मुआवजा वितरण करने को कहा। इसलिए अब अगले आठ दिनों में राजस्व अधिकारियों को 49 प्रतिशत मुआवजा वितरण करना होगा। इसके लिए डीसी ने छुट्टी के दिन भी मुआवजा वितरित करने के निर्देश दिए हैं।
55 गांवों में नहीं हुई ग्राम सभा की बैठकें
डीसी ने जिला राजस्व अधिकारी को निर्देश दिए कि वे सभी विभागों की भूमि संपत्तियों की रिपोर्ट तैयार करें। यह कार्य टाइम लाइन से हो। स्वामित्व योजना की समीक्षा करते हुए डीसी ने डीडीपीओ को निर्देश दिए कि जिन 55 गांवों में ग्राम सभा की बैठक नहीं हुई है, उनमें वे बैठक कर दावे व आपत्तियों को निपटाएं। जिले में स्वामित्व योजना के तहत 156 गांवों में कार्य पूरा किया जा चुका है। 22 हजार 263 रजिस्ट्री फाइनल हो चुकी है। 43 गांवों के दावे व आपत्तियां मुख्यालय स्तर पर लंबित है, उनके निपटान के बाद इन गांवों में भी रजिस्ट्री की जाएगी।