फतेहाबाद। किसी समस्या या शिकायत के लिए अफसर सुनवाई नहीं करते तो मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई सीएम विंडो पर शिकायत करके आपको न्याय मिलेगा, लेकिन जिले में अगर आप न्याय की उम्मीद लगाकर बैठे हो तो शायद आप गलतफहमी में हों। मुख्यमंत्री की सीएम विंडो अफसरों के हिसाब से चल रही है। न ही शिकायतकर्ता की संतुष्टि की कोई परवाह है और न ही क्रॉस चेकिंग का कोई डर।
फतेहाबाद में ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें खुद अफसरों ने शिकायत की फिजिकल वेरिफिकेशन किए बिना ही उसका निपटारा करके शिकायतकर्ता के संतुष्ट होने की रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेज दी। मामले में शिकायत को निरस्त करने की फाइनल रिपोर्ट देने वाले जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ ओमप्रकाश ने खुद माना है कि सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज होने के बाद वे गांव में नहीं गए। यही नहीं एसडीओ को यह भी नहीं मालूम कि कौन अधिकारी गया था। एसडीओ ने कहा कि वह जेई से पूछकर बताएंगे, कौन गया था। इसकी ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई है।
14 अक्तूबर को यह दी गई थी शिकायत
दरअसल, गांव भूथन खुर्द निवासी रूलीराम ने इसी साल 14 अक्तूबर को जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा बनाए गए जलघर और उसकी पाइपलाइन में निम्न स्तर की निर्माण सामग्री प्रयोग करने को लेकर शिकायत सीएम विंडो पर दी थी। रूलीराम का आरोप है कि शिकायत देने के बाद जांच के लिए कोई अधिकारी गांव में नहीं पहुंचा। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया में वायरल ऑडियो के बारे में बताते हुए शिकायतकर्ता रूलीराम ने कहा कि यह ऑडियो सही है। यह ऑडियो उसकी सीएम विंडो के मुख्यालय से महिला कर्मी ने शिकायत के निपटारे को लेकर फीडबैक लिया, तब की है।
सीएम विंडो कॉल सेंटर कर्मी की वायरल ऑडियो के कुछ अंश
महिला कर्मी : नमस्कार सर, सीएम विंडो कॉल सेंटर से बात कर रही हूं, रूलीराम जी बात कर रहे हैं?
रूली राम : जी मैम।
महिला कर्मी : कंप्लेंट लिखवाई थी, आपने घटिया मैटेरियल की जांच करवाने के बारे में?
रूली राम : जी।
महिला कर्मी : कंप्लेंट नंबर है 096609, जो कम्प्लेंट लिखवाई है, उसका समाधान हो गया क्या?
रूली राम : नहीं जी मैम, होगा कहां से कोई आया ही नहीं समाधान के लिए।
महिला कर्मी : डिपार्टमेंट की तरफ से 22 नवंबर को जो रिपोर्ट आई थी, क्या वह पढ़ ली आपने?
रूली राम : मेरे पास कोई रिपोर्ट नहीं आई मैडम।
महिला कर्मी : आपको रिपोर्ट पढ़कर सुना देती हूूं, सुन लीजिए इसमें क्या लिखा है। इसमें लिखा है कि उपरोक्त विषय के लिए आपके संज्ञान में लाया जाता है कि गांव भूथन खुर्द में जो जलघर बनाया गया है, वह विभाग द्वारा पास एस्टीमेट से बनाया गया है। उपयोग की गई साम्रगी के सैंपल विभाग द्वारा मैटेरियल टेस्टिंग के लिए भेजे जा रहे हैं। शिकायतकर्ता द्वारा की गई शिकायत निराधार है, शिकायत को रद्द किया जाए, इस रिपोर्ट से संतुष्ट हैं क्या आप ?
रूली राम : मैडम जी मेरे पास केवल एक कॉल आया था, जिस पर मैंने कहा था कि आप जांच करवाए और वह कह रहे हैं कि हम जांच कर रहे हैं, लेकिन गांव में कोई नहीं आया। मैं संतुष्ट नहीं हूं।
महिला कर्मी : तो आप संतुष्ट नहीं हो डिपार्टमेंट की कार्रवाई से।
रूली राम : कोई गांव में ही संतुष्ट नहीं है मैडम। आप गांव में एक बंदे से ही कहलवा दीजिए कि यहां जांच के लिए सैंपलिंग हुई है, कुछ नहीं हुआ है लीपापोती हुई है।
महिला कर्मी : ठीक है आप इंतजार कीजिए मैं जानकारी भेज देती हूं आपके पास केस की।
रूली राम: इसकी उच्च स्तरीय जांच करवाने के लिए लिखें। यह गोलमोल करके किसी ने भेजा है। सारी रिपोर्ट झूठी है।
महिला कर्मी : ठीक है आप वेट कीजिए, मैं जानकारी भेज देती हूं,
रूली राम: ठीक है मैडम जी।
अगर इस तरह से शिकायतकर्ता को संतुष्ट किए बिना फर्जी रिपोर्ट भेजकर सीएम विंडो की कोई शिकायत रद्द करने या करवाने का प्रयास किया जाता है तो ऐसे मामले में कार्रवाई जरूर होगी। यह मामला मैं चेक करवा लेती हूं। यदि गड़बड़ी पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई संबंधित अधिकारी के खिलाफ होगी। - अंकिता वर्मा, सीटीएम
शिकायतकर्ता द्वारा सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज होने के बाद मैं गांव में नहीं गया। निर्माण कार्य में जिस सामग्री का प्रयोग किया गया है, उसका समय-समय पर सैंपल लिया जाता है। जो शिकायत गांव की थी, उसको लेकर निर्माण सही करवाया गया था।
- ओमप्रकाश, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग, सब डिविजन नंबर दो
एक्सईएन तो फोन ही नहीं उठाते : इस मामले को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन तरुण गर्ग से बात करने का प्रयास किया गया। उनके नंबर पर कई बार कॉल की गई, लेकिन एक्सईएन ने कॉल रिसीव करने की जहमत नहीं उठाई।