फतेहाबाद। शक्ति नगर में उस समय चीख-पुकार मच गई, जब गली में खेल रहा 7 साल का बच्चा आवारा कुत्तों के झुंड का शिकार बन गया। चार कुत्तों ने अचानक से बच्चे पर हमला कर दिया और उस कई जगह से नोच लिया। कुत्तों के काटने से मासूम की कमर और हाथ पर गहरे जख्म हो गए।
वहीं बच्चे की चीखें सुनकर आसपास के लोग दौड़े और किसी तरह कुत्तों को भगाकर उसकी जान बचाई। घायल बच्चे को परिजन तुरंत नागरिक अस्पताल लेकर पहुंच और उसका उपचार शुरू करवाया। सोमवार को अस्पताल में बच्चे को एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने आई दादी राजी ने बताया कि उनका पोता नीरज रोज की तरह गली में दूसरे बच्चों के साथ खेल रहा था। तभी अचानक से कुत्तों का झुंड आया और उस पर हमला कर दिया। अगर समय पर लोग नहीं पहुंचते तो बड़ा हादसा हो सकता था। दादी के अनुसार घटनाक्रम दो दिन पहले का है।
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एआरवी लगवाने रोजाना आ रहे 10 से 15 लोग
शहर में आवारा कुत्तों और बंदरों का काफी आतंक है। आए दिन इनका कोई न कोई शिकार हो जाता है। नागरिक अस्पताल में रोजाना कुत्तों के काटने पर बचाव के लिए एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) लगवाने के लिए 10 से 15 लोग आ रहे हैं। अस्पताल में एआरवी दवा उपलब्ध है। इसके अलावा शहर में बेसहारा पशुओं की संख्या भी काफी है। इनके कारण भी कई हादसे हो चुके हैं। इनसे टकराकर कई लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं।
धुंध शुरू लेकिन नहीं हटे सड़कों से बेसहारा पशु
धुंध का मौसम शुरू हो चुका है बावजूद इसके सड़कों से बेसहारा पशु नहीं हटे हैं। हालात यह है कि रात के समय पशुओं का सड़कों पर जमावड़ा रहता है। इनसे हादसा होने का भी अंदेशा बना रहता है। हालांकि नगर परिषद ने एजेंसी को इन पशुओं को पकड़ने का ठेका दिया हुआ है। यह ठेका करीब 1010 रुपये प्रति पशु है। नगर परिषद प्रशासन का दावा है कि शहर में अब तक 1568 पशु पकड़े जा चुके हैं। उसके बाद भी शहर में कई जगहों पर शाम होते ही बेसहारा पशुओं के झुंड नजर आने लगते हैं।
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2732 कुत्तों की नसबंदी का दावा, डॉग शेल्टर नहीं
शहर फतेहाबाद में इसी साल नगर परिषद ने एजेंसी को कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण का ठेका दिया। अब तक ढाई हजार कुत्तों के नसबंदी और टीकाकरण का दावा नगर परिषद कर रहा है। एजेंसी कुत्तों के बधियाकरण के बाद संबंधित क्षेत्र में ही वापस छोड़ रही है। अभी तक डॉग शेल्टर की व्यवस्था नहीं हो पाई है।
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नगर परिषद परिसर में ही घूम रहे बंदर
नगर परिषद ने बंदरों को पकड़ने का भी ठेका एजेंसी को दिया हुआ है। लेकिन हालात यह है कि नगर परिषद कार्यालय में ही काफी बंदर घूम रहे हैं। नगर परिषद ने करीब दो माह पहले ही एजेंसी को इन बंदरों को पकड़ने के लिए ठेका दिया है। बंदरों के कारण महिलाओं के छत से गिरने के हादसे हो चुके हैं।
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शहर में बेसहारा पशुओं को जल्द पकड़ने के लिए एजेंसी को निर्देश दिए गए हैं। वहीं कुत्तों के बधियाकरण का काम जारी है। एजेंसी बेसहारा पशुओं को पकड़कर ले जा रही है और कुत्तों का टीकाकरण व बधियाकरण कर रही है। अगर फिर भी कहीं समस्या है तो समाधान करवाया जाएगा।
-सुरेश चौहान, ईओ, नगर परिषद