फतेहाबाद। 35 साल पहले पढ़ाने वाले अनुदेशकों को आर्थिक लाभ देने के लिए जिला शिक्षा विभाग दस्तावेज ले रहा है। जिले में अब तक हटाए गए 60 अनुदेशक दस्तावेज जमा करवा चुके हैं।
11 नवंबर से जिला शिक्षा विभाग ने दस्तावेज लेने की प्रक्रिया शुरू की थी। एक सप्ताह में 60 अनुदेशकों ने दस्तावेज जमा करवाकर दावा किया है। शिक्षा विभाग रिपोर्ट तैयार करके निदेशालय भेजेगा। यहां से दस्तावेजों की जांच के बाद इन्हें आर्थिक लाभ जारी होगा। दस्तावेज लेने के लिए विभाग ने कमेटी गठित कर रखी है। उल्लास कार्यक्रम के जिला समन्वयक पवन सागर, सहायक रत्तन सिंह व लिपिक मोहन सिंह शामिल है।
बता दें कि निरक्षरों और स्कूल न जाने वाले बच्चों को ग्रामीण कार्यात्मक साक्षरता परियोजना और राज्य प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम के तहत ये अनुदेशक लगाए गए थे। शिक्षा विभाग ने ये प्रक्रिया कोर्ट के आदेश पर शुरू की है। अनुदेशकों ने जेबीटी के बराबर पे स्केल देने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। इसी के तहत शिक्षा विभाग को एरियर देने के निर्देश दिए गए हैं।
-अनुदेशक कमेटी को दिखा रहे है प्रूफ
शिक्षा विभाग द्वारा गठित कमेटी इस कार्यक्रम के तहत पढ़ाने वाले अनुदेशकों से ज्वाइनिंग पत्र, रिलिविंग पत्र, सामान जमा करवाने की रसीद या फिर बैंक स्टेटमेंट प्रूफ के तौर पर ले रही है।
-युवा थे जब पढ़ाया, अब बुजुर्ग हुए तो मिलेगा एरियर
निरक्षरों को पढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग ने जिले में अनुदेशक रखे थे। जो कि सर्वे करके निरक्षरों को ढूंढते और घर-घर जाकर पढ़ाते थे। वर्ष 1990 में इन सभी को हटा दिया था। अनुदेशकों ने चंडीगढ़ में धरना दे दिया। इस दौरान इन्हें जेल भी भेज दिया गया। जेबीटी के बराबर पे स्केल देने को लेकर अनुदेशकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। दस्तावेज जमा करवाने के लिए आ रहे हटाए गए अनुदेशकों का कहना है कि जब वे पढ़ाते थे तो उम्र 30 से 35 साल थी लेकिन अब 60 से 65 साल हो गई है। लेकिन खुशी है कि विभाग ने सुध ली।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के निर्देश पर अनुदेशकों से दस्तावेज लिए जा रहे हैं। करीब 60 अनुदेशक दस्तावेज जमा करवा चुके हैं। अनुदेशकों से अपील है कि उनके पास कोई भी प्रमाण है तो उसे विभाग के पास जल्द से जल्द जमा करवाएं। फाइनल रिपोर्ट जल्द निदेशालय में भेजी जाएगी।
- पवन सागर, जिला समंवयक, उल्लास कार्यक्रम एवं कमेटी सदस्य