फतेहाबाद। स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 शुरू हो चुका है और किसी भी दिन केंद्र से टीम निरीक्षण के लिए आ सकती है। स्वच्छता सर्वेक्षण में लोगों के फीडबैक की अहम भूमिका रहने वाली है, लोग की राय ही अच्छी रैंकिंग दिलवा सकती है। लेकिन फीडबैक के 600 अंकों पर खतरा मंडरा रहा है, जाखल में मात्र 6 तो फतेहाबाद में 37 लोगों ने फीडबैक दिया है। फीडबैक को लेकर लोग ओटीपी नंबर ही नहीं बता रहे हैं। ओटीपी नंबर दर्ज करने के बाद ही फीडबैक दर्ज करवाया जा सकता है।
स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 को लेकर एप और लिंक के जरिये फीडबैक लिया जाना है। फीडबैक के लिए नगर निकाय में सक्षम युवा लगाए गए है। ये सक्षम युवा घर-घर जाकर एप डाउनलोड करवा रहे हैं और फीडबैक के लिए कह रहे हैं। लेकिन जब फीडबैक के दौरान ओटीपी दर्ज करने के लिए कहा जा रहा है तो लोग नहीं बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि ओटीपी के जरिये उनसे फ्रॉड हो सकता है। दूसरी सबसे बड़ी समस्या ये भी आ रही है कि ओटीपी आने में समय लग रहा है।
नगर निकाय में दिया गया फीडबैक
नगर निकाय फीडबैक
फतेहाबाद 37
टोहाना 151
रतिया 15
भूना 11
जाखल 5
50 फीसदी घरों से फीडबैक जरूरी, तभी मिलेंगे अंक
स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए 50 फीसदी घरों से फीडबैक आना जरूरी है। यानी की फतेहाबाद नगर निकाय में करीब 25 हजार घर हैं तो 12 हजार घरों से फीडबैक आना जरूरी है। जबकि हालाते ये है कि फतेहाबाद में 37 लोगों ने ही फीडबैक दर्ज करवाया है। अफसरों की माने तो लोगों से मोबाइल पर फीडबैक दर्ज करवाने के लिए फतेहाबाद में 20, टोहाना में 4, रतिया में 5, भूना में 25 और जाखल में 15 सक्षम युवा लगा रखे है।
पिछले साल जिले में स्वच्छता सर्वेक्षण की ये रही स्थिति
50 हजार से 1 लाख जनसंख्या वाले शहर में स्थान
शहर 2020 में देश में रहा स्थान 2021 में देश में रहा स्थान
टोहाना 26 60
फतेहाबाद 27 30
25 हजार से 50 हजार जनसंख्या वाले शहर में स्थान
शहर 2020 में देश में रहा स्थान 2021 में देश में रहा स्थान
भूना 105 178
रतिया 137 130
पिछले चार सालों के स्वच्छ सर्वेक्षण का परिणाम
शहर 2021 2020 2019 2018
फतेहाबाद 30 27 177 191
टोहाना 60 26 329 289
भूना 178 105 399 172
रतिया 130 137 984 572
जाखल 552 --- -- ---
शहर से रोजाना ये निकलता है कचरा
शहर टन
फतेहाबाद 41
टोहाना 30
रतिया 20
भूना 10
घबराएं नहीं, एप पर दर्ज है पूरी जानकारी : कुमार सौरभ
स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर लोगों का फीडबैक जरूरी है, इसके 600 अंक मिलेंगे। सक्षम युवा लोगों को जागरूक कर रहे है और उनसे फीडबैक ले रहे है लेकिन लोग ओटीपी दर्ज करवाने से घबरा रहे है जबकि एप और लिंक पर पूरी जानकारी है। कई बार एप और लिंक में दिक्कत भी आ रही है, इसको लेकर मुख्यालय स्तर पर ठीक किया जा रहा है।
-कुमार सौरभ, सिटी इंचार्ज, स्वच्छ भारत मिशन