गांव गोरखपुर के डूम्मा वाले पुल के नजदीक सिद्धमुख भाखड़ा नहर की पटरी में 50 फुट चौड़ी दरार आने के कारण करीब दो सौ एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। नहर में दरार आने के की सूचना पाकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। गोरखपुर के मंदिर में लाउडस्पीकर के द्वारा ग्रामीणों को सूचना दी। सिद्धमुख भाखड़ा नहर टूट जाने की भनक लगते ही सिंचाई विभाग के बेलदार से लेकर अधीक्षक अभियंता तक मौके पर पहुंचे।
नहर में पानी का तेज बहाव होने के कारण पटरी में दरार आगे बढ़ रही थी। सिंचाई विभाग की पूरी टीम चार बुलडोजरों व 80 मजदूरों की सहायता से देर शाम तक भाखड़ा नहर को पाटने का कार्य जोरों पर चल रहा था। नहर में 500 क्यूसिक पानी चल रहा था। दरार को पाटने के समय बलियाला हेड से पानी को कम करवाया गया। सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता मुनीष शर्मा ने नहर टूटने की वजह पटरी के साथ खड़ा पेड़ गिरना बताया है। उपरोक्त पेड़ की जड़े पटरी के नीचे फैली हुई थी।
संयुक्त किसान मोर्चा के नेता राममेहर सिवाच ने बताया कि नहर टूट जाने से काजलहेड़ी व गोरखपुर के किसानों को पानी से करीब दो सौ एकड़ में खड़ी फसल को क्षति पहुंचेगी। वीरवार देर शाम तक नहर का पानी लगभग 100 एकड़ से भी अधिक एरिया में फैल चुका था। इससे पूर्व बारिश ने तबाही मचाई हुई थी। सिवाच के अनुसार सत्यवान नंबरदार की लगभग 18 एकड़, जगदीश सिवाच की 10 एकड़, राममेहर सिवाच की साढ़े 18 एकड़, अशोक कुमार सिवाच की 9 एकड़, राजपाल सिवाच की 8 एकड़, कामरेड बलवीर सिंह, ईश्वर सिंह, सतबीर सिंह व साधुराम की 70 एकड़, सतपाल शर्मा, राजाराम शर्मा व जगदीश शर्मा की लगभग 11 एकड़, सुरेंद्र सिंह की 12 एकड़, रिछपाल सिंह की 10 एकड़, सुभाष चंद्र की 5 एकड़, जयप्रकाश सिहाग की 7 एकड़, काजलहैड़ी के अमीलाल भादू व हवा सिंह तथा विजय सिंह भादू की 11 एकड़ नरमा एवं धान की फसल भाखड़ा नहर के पानी की जद में आ चुकी हैं।
क्या कहते हैं अधीक्षक अभियंता
जल सेवाएं मंडल फतेहाबाद के अधीक्षक अभियंता ओमप्रकाश बिश्नोई ने बताया कि सिद्धमुख भाखड़ा नहर की पटरी के पास तेज बारिश के कारण पेड़ गिरने से यह दरार आई है। फिलहाल 70 एकड़ के लगभग एरिया में पानी फैल चुका। पूरी रिपोर्ट पटवारी की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। दरार भरने का काम चल रहा है।