फतेहाबाद। जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से 31 राशन डिपो बंद करने के फैसले पर न्यायालय ने संचालकों को राहत प्रदान की है। विभाग ने यह कार्रवाई उन डिपो संचालकों पर की थी जिनकी आयु 65 वर्ष पूरी हो चुकी थी। नियम के अनुसार इस आयु के बाद डिपो संचालन की अनुमति नहीं रहती।
विभाग ने इन डिपो को बंद कर उनके उपभोक्ताओं का राशन वितरण नजदीकी गांवों या अन्य संचालकों को सौंपने की योजना बनाई थी। इसके लिए एक सूची भी तैयार कर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही थी लेकिन राशन डिपो संचालकों ने सरकार के इस निर्णय को न्यायालय में चुनौती दी। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने फिलहाल डिपो बंद करने की कार्रवाई पर रोक लगाते हुए संचालकों के पक्ष में निर्णय दिया है।
इस फैसले से जिले के कई गांवों और शहरी क्षेत्रों में लंबे समय से संचालित डिपो चलाने वाले संचालकों को अस्थायी राहत मिली है। अब संबंधित डिपो फिलहाल पहले की तरह ही संचालित रहेंगे। सरकार की नीति के तहत 65 वर्ष की आयु सीमा लागू है, जिसके चलते विभाग ने 31 डिपो को सूचीबद्ध किया था। हालांकि न्यायालय के आदेश के बाद अब आगे की कार्रवाई फिलहाल स्थगित हो गई है।
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विभाग ने दूसरे डिपो संचालकों की मांगी थी सूची
सरकार की ओर से नियमों में किए गए बदलाव के बाद जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से जिले के 31 राशन डिपो के राशन वितरण को लेकर आसपास के गांवों व शहरों के राशन डिपो संचालकों की सूची मांगी गई थी जिसको अब टाल दिया जाएगा। वहीं विभाग की ओर इन नियमों के तहत दिए जाने वाले नए संचालकों पर यह शर्त लागू की जाएगी।
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राशन डिपो संचालक बोले पहले उन्हें नहीं दी गई थी जानकारी
राशन डिपो एसोसिएशन के जिला प्रधान ओमप्रकाश ने बताया कि सरकार की ओर से नियमों में किए गए बदलाव पर उन्होंने न्यायालय का सहारा लिया था। इस पर न्यायालय ने डिपो संचालकों को राहत देते हुए उन्हें पहले की तरह चलाने के आदेश दिए हैं। जिला प्रधान ने बताया कि जब उन्हें राशन डिपो संचालन के लिए दिए गए तब उन्हें नहीं बताया गया था कि यह सिर्फ 65 वर्ष तक की आयु तक मिलेगा। यह शर्त अब उन पर लागू की जा रही है।