वन विभाग ने लुघ सचिवालय परिसर के सामने मुख्य मार्ग पर खड़े 23 हरे पेड़ काट दिए हैं। लगभग डेढ़ साल पहले इसके लिए विभाग ने सरकार से मंजूरी मांगी थी। यहां पर पेयजल व सीवरेज लाइन बिछाई जानी है, जिसके लिए ये पेड़ काटे गए हैं। मगर वन विभाग की यह कार्यवाही बुधवार को सोशल मीडिया में छाई रही, क्योंकि विभाग ने हरियाली तीज के दिन पेड़ काट डाले। हालांकि वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन 23 पेड़ों की भरपाई के रूप में 372 नए पौधे लगाए जाएंगे और उनके विकसित होने तक विभाग उनकी पूरी तरह से देखरेख भी करेगा।
काटे गए पेड़ों में एक कीकर व 12 शीशम तथा दस अन्य किस्मों के पेड़ थे। यह कटाई की प्रक्रिया मंगलवार को शुरू की थी। बुधवार को भी दिन भर चलती रही। इसके चलते लघु सचिवालय के सामने से गुजरने वाले हिसार मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही। सभी वाहनों को वन वे कर दिया गया, ताकि पेड़ कटाई के कार्य में कोई बाधा न आए। शहरवासियों के मुताबिक ये पेड़ लगभग 15 से 20 साल पुराने थे। यह कटाई मुद्दा इसलिए भी बनी हुई है कि यहां पर पेड़ों की वजह से कभी कोई हादसा नहीं हुआ। न ही फिलहाल किसी को कोई परेशानी थी।
इसलिए काटने पड़े हरे पेड़
वन विभाग की मानें तो शहर विकसित हो रहा है। अभी तक लघु सचिवालय के सामने मुख्य रोड पर कोई पाइप लाइन नहीं बिछी थी। जन स्वास्थ्य विभाग शहर से बस स्टैंड तक नई पेयजल व सीवरेज लाइन बिछाना चाहता है। इसके लिए वन विभाग को पत्र लिखा गया था। वन विभाग ने इसके लिए सरकार से मंजूरी मांगी थी। लगभग डेढ़ साल बाद सरकार ने इस शर्त के साथ मंजूरी दी है कि इन पेड़ों की एवज में वन विभाग 372 नए पौधे लगाएगा और उन्हें विकसित करेगा।
फतेहाबाद डिस्ट्रीब्यूट्री पर लगेंगे पौधे
वन विभाग फतेहाबाद डिस्ट्रीब्यूट्री नहर पर 372 पौधे कीकर, शीशम व नीम आदि के लगाएगा। उनकी इस ढंग से देखरेख की जाएगी कि वे पूरी तरह विकसित हों। ये पौधे काटे गए पेड़ों की भरपाई के रूप में लगाए जाएंगे। इसलिए विशेष देखभाल करनी होगी।
कोट
वन विभाग ने शहर के विकास के लिए पेड़ काटे हैं। दरअसल, यहां पर पाइप लाइन बिछाई जानी है। इसलिए हमने डेढ़ साल पहले मंजूरी मांगी थी, जिसकी प्रक्रिया में इतना समय लगा है। हरियाली तीज से इसे न जोड़ कर देखा जाए। इसकी वजह हम 372 पेड़ नए तैयार करेंगे।
-राजेश माथुर, जिला वन अधिकारी, फतेहाबाद।