फतेहाबाद। जिले में पिछले 5 सालों में खाद्य सामग्री की 195 नई औद्योगिक इकाइयां शुरू हुई हैं। नए उद्योगों से जिले को उत्पादन और आर्थिक क्षेत्र में मजबूती मिली है और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। इन इकाइयों में राइस मिल, तरह-तरह की नमकीन, बेकरी उत्पाद, उच्च गुणवत्ता वाले डेयरी प्रोडक्ट और मिठाइयों का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है।
इन औद्योगिक इकाइयों में मुख्य रूप से खाद्य सामग्री और उससे जुड़े उत्पादों का निर्माण किया जा रहा है। जिला मुख्यालय पर स्थित औद्योगिक क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं से उद्योगपतियों को फैक्टरियों को ताला लगाकर उद्योगपति पलायन करने को मजबूर थे। पिछड़े जिलों में शामिल फतेहाबाद के औद्योगिक क्षेत्र के हालात को सुधारने की दिशा में उद्योगपतियों को कम ब्याज और उचित अनुदान देकर उद्योग शुरू करवाएं गए हैं।
जिले में औद्योगिक इकाइयों का आंकड़ा 7000 के पार
इन नई इकाइयों की स्थापना के बाद अब जिले में कुल औद्योगिक इकाइयों की संख्या 7,475 तक पहुंच गई है। उद्योगों बढ़ती संख्या ने जिले की अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा मिली है। छोटे और मध्यम स्तर के इन उद्योगों के लिए सरकार की ओर से 35 फीसदी अनुदान या अधिकतम 3 करोड़ रुपये तक की अनुदान राशि दी गई है। जिले में अब 7225 सूक्ष्म उद्योगों में 50747 कर्मचारी, 213 लघु उद्योगों में 2288 कर्मचारी और 37 मध्यम उद्योगों में 1337 कर्मचारी कार्यरत हैं।
54 हजार से अधिक लोगों को मिल रहा है रोजगार
उद्योगपति दीपक सरदाना, सोनू, श्रवण कुमार और मुकेश बंसल ने बताया कि किसी भी क्षेत्र के विकास का सबसे बड़ा पैमाना वहां उपलब्ध होने वाला रोजगार होता है। एक उद्योग के पैदा होने से सैकड़ों लोगों को काम मिलता है। जिले में नई बनी 195 उद्योगों में हजारों लोगों को काम मिला है। वहीं उद्योगों की संख्या बढ़ने से बिजली, पानी और कच्चे माल मिलने की सुविधा बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर पलायन कर रहे उद्योगपतियों पर भी रोक लगेगी।
:: प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग उन्नयन योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को वित्तीय, तकनीकी और व्यावसायिक सहायता प्रदान करना है। इसके तहत उद्यमियों को सब्सिडी और आसान लोन की सुविधा दी गई है। इस योजना से आने वाले समय में जिले को खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में एक बड़े हब के रूप में विकसित होने की उम्मीद है।
- जनक कुमार, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, अधिकारी, फतेहाबाद।