फतेहाबाद में डेंगू और मलेरिया को लेकर लोगों को जागरूक करते हुए स्वास्थ्यकर्मी।
फतेहाबाद। डेंगू और मलेरिया को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दूसरे चरण का रैपिड फीवर सर्वे पूरा कर लिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें सर्वे को 69 फीसदी ही पूरा कर पाई है और पिछले माह भी टारगेट पूरा नहीं हुआ था। इस बार सर्वे के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमों को 1907 लोग बुखार पीड़ित मिले हैं। विभाग द्वारा इनकी ब्लड स्लाइड बनाई गई लेकिन मलेरिया केस की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि सर्वे के दौरान टीम को 80 घरों में लारवा मिला है। विभाग ने इन्हें नोटिस जारी किया है। अब तक विभाग 184 घरों में लारवा मिलने पर नोटिस जारी कर चुका है।
डेंगू और मलेरिया को फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने 1 से 10 मई तक रैपिड फीवर सर्वे चलाया गया। सर्वे को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले को 192158 घरों का लक्ष्य दिया गया लेकिन टीमों ने 133054 घरों का ही सर्वे हो पाया। सर्वे के दौरान टीम को 1907 घरों में बुखार पीड़ित केस मिले। मलेरिया जांच को लेकर स्लाइड बनाई गई लेकिन पुष्टि नहीं हुई। पिछले माह विभाग की टीमों ने 132651 घरों का सर्वे किया था और 2067 लोग बुखार पीड़ित मिले थे।
घरों के कूलरों और पानी टंकियों में मिल रहा है लारवा
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने डेंगू और मलेरिया को लेकर लोग गंभीर नहीं है। सर्वे के दौरान लोगों के घरों के कूलरों और पानी की टंकियों में लारवा मिल रहा है। इसके अलावा फ्रिज की ट्रे में भी लारवा मिल चुका है।
डेंगू की जांच को लेकर 600 रुपये तय
स्वास्थ्य विभाग ने निजी लैब को डेंगू की जांच को लेकर निर्देश जारी कर दिए है। एलाइजा टेस्ट को लेकर 600 रुपए से ज्यादा नहीं ले पाएंगे। इसके अलावा अस्पतालों को अगर कोई डेंगू केस मिलता है तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सूचित करना होगा। अगर सूचना नहीं देते है तो विभाग कार्रवाई कर सकता है।
जिले में ये रही है मलेरिया की स्थिति
वर्ष केस मिले
2014 368
2015 107
2016 59
2017 42
2018 2
2019 5
2020 0
2021 1
2023 2
मलेरिया के ये हैं लक्षण
सर्दी व कंपन के साथ तेज बुखार आना, सिर में तेज दर्द होना, शरीर में दर्द होना, बुखार उतरते समय शरीर का पसीना-पसीना होना।
कोट
डेंगू और मलेरिया को कंट्रोल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग हर माह रैपिड फीवर सर्वे कर रहा है। सर्वे के दौरान बुखार पीड़ितों की स्लाइड बनाकर जांच की जा रही है। जिले में अभी तक मलेरिया का कोई केस नहीं मिला है।
-डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ