फतेहाबाद। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश व फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर दुष्कर्म करने के आरोपी युवक को पॉक्सो एक्ट की धारा-4 के तहत 10 साल की कैद व 24 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को 10 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज बलवंत सिंह ने दोषी को आईपीसी की धारा 366ए व 363 में तीन-तीन साल की कैद व 2-2 हजार रुपये की सजा सुनाई है। तीनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। जानकारी के मुताबिक भट्टू क्षेत्र के एक गांव की पीड़िता के पिता की शिकायत पर भट्टू कलां थाना पुलिस ने आरोपी जयबीर के खिलाफ 12 सितंबर 2019 को आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस को दी अपनी शिकायत में शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसकी बेटी 10वीं में पढ़ती है और नाबालिग है। 11 सितंबर की रात को जयबीर उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। 14 सितंबर को पुलिस ने पीड़िता को बरामद किया और ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष सीआरपीसी की धारा 164 के तहत नाबालिग के बयान दर्ज करवाए। 16 सितंबर को सीडब्लयूसी में पीड़िता की काउंसिलिंग करवाई गई। 17 सितंबर को शिकायतकर्ता की पत्नी ने पुलिस को बयान दिया कि जयबीर उसकी बेटी को बहला फुसलाकर ले गया था और उसे डरा धमका कर रखा और उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया। आरोपी युवक ने धमकी दी कि नाबालिग की वीडियो बना रखी है, किसी को बताया तो वीडियो वायरल कर देगा। पीड़िता के फिर से जिला इलाका मजिस्ट्रेट के सामने बयान करवाए गए। अब मामले के सवा दो साल बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया है।