धान के सीजन की शुरुआत में ही मिलर और सरकार के बीच विवाद के कारण किसानों
को अपनी फसल बेचने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।
लगातार दूसरे दिन
भी किसानों ने जिले भर में धान की खरीद न होने के कारण रोष प्रकट किया और
सड़कों पर उतरकर धान की खरीद की मांग की। कैथल में राष्ट्रीय राजमार्ग
नंबर-65 पर जहां दो घंटे तक जाम रहा, वहीं गुहला-चीका में भी छह घंटे तक
किसानों ने लगातार दूसरे दिन जाम लगा दिया।
दिनभर चली बैठकोें के बाद शाम
के समय खरीद एजेंसियों ने बिना मिलरों के ही धान की खरीद करना शुरू कर
दिया। तब जाकर किसानों को कुछ राहत मिली। कैथल में सुबह नौ बजे ही
अनाजमंडी से भारी संख्या में किसान एकत्रित होकर राष्ट्रीय राजमार्ग
नंबर-65 पर जींद रोड बाईपास नाके पर पहुंचे। जहां ट्रैक्टर-ट्रालियां खड़ा
करते हुए हिसार, चंडीगढ़ सहित शहर की ओर आने वाले मार्ग पर जाम लगा दिया।
जाम की सूचना मिलते ही डीएसपी सुरेंद्र भौरिया, एसएचओ अश्वनी शर्मा, विष्णु
प्रसाद, महावीर सिंह, अशोक कुमार, विक्रमजीत सिंह सहित भारी संख्या में
पुलिस बल मौके पर पहुंचा। किसानों सूबे सिंह, गुरविंद्र सिंह, गुरमेल सिंह,
रणधीर सिंह आदि ने कहा कि दो दिनों से वे मंडी में धान लिए बैठे हैं,
लेकिन न्यूनतम समर्थन मूल्य पर भी खरीद नहीं हो रही।
बुधवार को तो समर्थन
मूल्य से भी कम कीमत पर खरीद की बात कही जा रही है। सूचना मिलने के बाद
डीएसपी सुरेंद्र सैनी, हैफेड के डीएम वीपी मलिक मौके पर पहुंचे। उन्होंने
किसानों को शाम तक खरीद शुरू करवाए जाने का आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया।
जाम के चलते करीब दो घंटे तक हजारों की संख्या में वाहनाें में सवार लोगों
को परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रशासन को रूट बदल कर वाहनों को चंदाना
सहित आसपास के गांवों से
निकालना पड़ा।
उधर, मिलर एसोसिएशन ने लगातार
दूसरे दिन खरीद बंद रखी और जींद रोड स्थित अग्रवाल धर्मशाला में बैठकर
समस्या को लेकर विचार-विमर्श किया। एसोसिएशन के अध्यक्ष मांगे राम
खुरानिया, मिलर जगदीश गोयल, अश्वनी शोरेवाला, बाबू राम, लाला कश्मीरी लाल
आदि ने कहा कि सरकार द्वारा जारी नोटिस के जवाब में वे दो बार लिखित में
जवाब दे चुके हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी एवं प्रशासन लिखित में कुछ देने
के बजाय मौखिक आश्वासन दे
रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वे न तो सरकार और न ही
प्रशासन के खिलाफ हैं। वे केवल ये बताना चाहते हैं कि सरकार द्वारा यदि इस
प्रकार से वसूली की जाएगी तो वे मिलों को नहीं चला पाएंगे। जगदीश गोयल न
कहा कि यदि सरकार चाहे तो मिलों का प्रयोग कर सकती है। वे किसी प्रकार का
किराया सरकार से नहीं लेंगे।
शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई
डीएफएससी
सुरेंद्र सैनी ने कहा कि मिलरों की समस्याओं के समाधान के लिए डीसी एनके
सोलंकी के नेतृत्व में आला अधिकारियों से विचार-विमर्श जारी है। जल्द ही
समस्या का समाधान हो सकता है, लेकिन तब तक किसानों को कोई परेशानी न आए।
इसी कारण सभी खरीद एजेंसियों ने कैथल सहित सभी खरीद केंद्रों पर धान की
खरीद शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि किसान साफ-सुथरा धान लेकर मंडी में
आएं। यदि कोई समर्थन मूल्य से कम कीमत पर धान खरीदता है तो शिकायत मिलने पर
उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
चीका में छह घंटे किसानों ने रोका हाईवे
गुहला-चीका।
अनाज मंडी चीका में धान की खरीद न होने से नाराज किसानों ने दूसरे दिन भी
कैथल-पटियाला स्टेट हाईवे को जाम रखा और सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर
नारेबाजी की। किसानों की मांग थी की उनकी धान की फसल को खरीदा जाए। किसानों
द्वारा छह घंटे लगातार लगाए गए जाम से मार्ग के दोनों तरफ वाहनाें की लंबी
लाइनें लग गईं। किसानों का कहना था कि सरकार ने एक अक्तूबर से धान की
सरकारी खरीद करने के दावे तो जरूर किए थे, लेकिन राइस मिलरों द्वारा की गई
हड़ताल की घोषणा का हल नहीं निकाला। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान किसानों का
हो रहा है। किसानों ने लगातार छह घंटे तक जाम लगाकर रखा। बाद में खरीद शुरू
होने पर ही जाम खोला। चीका अनाज मंडी के पंजाब के नजदीक होने के कारण मंडी
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन द्वारा पंजाब से आने वाली धान को
रोकने के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। किसानाें के रोष को कम करने के लिए
सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा खरीद शुरू किए जाने के बावजूद मिलरों
एसोसिएशन अपने निर्णय पर अडिग है। मिलरों का कहना है कि जब तक उनका भुगतान
नहीं हो जाता उनका आंदोलन जारी रहेगा।
उधर, नायब तहसीलदार नवदीप सिंह
नैन ने कहा कि किसानों की समस्या का हल हो गया है। सरकारी खरीद एजेंसियों
द्वारा किसानाें के धान का एक-एक दाना खरीदा जाएगा।
सीवन में नहीं हो पाई धान की खरीद
सीवन।
मिलरों की हड़ताल के चलते अनाजमंडी सीवन में दूसरे दिन भी धान की खरीद
शुरू नहीं हो सकी है। इसमें किसानों को परेशानी को सामना करना पड़ रहा है।
अनाजमंडी में धीर-धीरे धान की आवक में बढ़ोतरी हो रही है। मंडी में धान
लेकर आने वाले किसानों अमरेंद्र सिंह खारा, दिलबाग सिंह, सुंदर लाल,
राजकुमार, कुलदीप सिंह, शमशेर सिंह औैर साहब सिंह आदि ने बताया कि यदि
शीघ्र ही सरकार और व्यापारियों के बीच कोई समझौता नहीं हुआ तो किसानों को
भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। सरकार को इस ओर ध्यान देना
चाहिए।
सीवन के मंडी सुपरवाइजर सुरजीत सिंह ने बताया कि सीवन में तीन
सरकारी खरीद एजेंसियां हरियाणा वेयर हाउस, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग और
हरियाणा एग्रो धान की खरीद करेंगी, वहीं युवा इनेलो प्रदेश कार्यकारिणी के
सदस्य जगतार माजरी ने प्रदेश सरकार को किसान, व्यापारी व मजदूर विरोधी करार
देते हुए जिला प्रशासन और व्यापारियों के बीच उत्पन्न गतिरोध के लिए सरकार
की गलत नीतियाें को जिम्मेदार ठहराया।
ढांड में भी गरजे किसान
ढांड।
धान की खरीद न होने से गुस्साए भाकियू कार्यकर्ताओं ने सरकार द्वारा धान
की खरीद न किए जाने के विरोध में भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढू़नी व
प्रदेश महासचिव भूरा राम पबनावा के नेतृत्व में मार्केट कमेटी कार्यालय
ढांड में सैकड़ों किसानों के साथ सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर
नारेबाजी कर रोष जताया। ढांड मार्केट कमेटी के सचिव सतबीर नैन ने भाकियू
पदाधिकारियाें व किसानों को आश्वासन दिया कि मंडी में दोनों सरकारी खरीद
एजेंसियां सुचारु रूप से धान की खरीद करेंगे और किसानों को कोई परेशानी
नहीं होगी।
पूंडरी में भी किसानों को लगी मायूसी हाथ
पूंडरी।
धान की सरकारी खरीद शुरू न होने से किसानों की धान के ढेर मंडियों में पड़े
हैं और किसान मायूस हैं। सरकारी धान खरीद एक अक्तूबर से जो हर वर्ष शुरू
हो जाती थी, वह नहीं हो पाई। इसकी वजह राइस मिलरों और सरकार के बीच चल रहा
आपसी विवाद है। भाकियू का एक प्रतिनिधिमंडल यूनियन के राष्ट्रीय सलाहकार
अजीत सिंह हाबड़ी व प्रदेश कोषाध्यक्ष सुखविंद्र खारा की अध्यक्षता में
मार्केट कमेटी के सचिव रामकुमार दहिया से मिला और मंडी में धान की खरीद
शुरू करवाने की मांग की। सचिव ने आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन इस बात के
लिए प्रयत्नशील हैं कि मंडी में धान की खरीद जल्द से जल्द शुरू हो। इस मौके
पर हैफेड के मैनेजर सुरेश कुमार, पूर्व मंडी प्रधान सरदारा टाया, पूर्व
मंडी प्रधान रामपाल टाया, जलविंद्र बरसाना व किसान नरेंद्र चंदलाना तथा
मुखित्यार सिंह भी मौजूद रहे।
नमी के कारण नहीं हुई खरीद
कलायत।
सरकार द्वारा धान की खरीद शुरू करने की घोषणा और मंडी में धान की आवक को
देखते हुए सरकारी खरीद एजेंसी मंडी में धान की खरीदारी करने के लिए तो
पहुंची मगर धान में नमी की मात्रा तय मानदंडों से अधिक होने के कारण खरीद
एजेंसी ने किसी भी ढेरी को नहीं खरीदा।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में
तैनात निरीक्षक प्रवीण कुमार के साथ मार्केट कमेटी में तैनात एआर ओमप्रकाश,
संदीप कुमार व रमेश कुमार मंडी में पहुंचे और उन्होंने धान की नमी को मशीन
द्वारा चेक किया। अधिकारियों ने मंडी प्रधान जयदीप राणा व अन्य
व्यापारियों तथा किसानों की मौजूदगी में धान की नमी की मात्रा की जांच की
मगर मंडी में आई धान की कोई भी ढेरी ऐसी नहीं मिली जिसमें नमी की मात्रा
सही हो तथा उसकी खरीद की जा सके। मार्केट कमेटी एमआर ओमप्रकाश ने कहा कि आज
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा धान खरीदने का श्रीगणेश तो किया मगर सभी
ढेरियों में नमी की मात्रा बहुत अधिक होने के कारण धान खरीदने का कार्य
नहीं हो पाया।
पाई मंडी में भी हाल बेहाल
पाई। अनाजमंडी पाई में
धान की आवक होने से इसकी खरीद शुरू न होने पर आढ़तियों, किसानों, मजदूरों
में रोष के स्वर मुखर हैं। मंडी में समस्याग्रस्त आढ़तियों मंडी प्रधान
दिलबाग ढुल, राजेश, नवीन कैंदल, कृष्ण ढुल, धर्म सिंह, रामकुमार मित्तल,
मोहनी गोयल, महेंद्र, रणधीर व किसानों अवतार हजवाना, नरेश, जोगिया, काला,
खुशिया ने मंडी में सरकार द्वारा खरीदे जाने वाले पीआर धान की खरीद शुरू न
होने पर नाराजगी जताई गई। मार्केट कमेटी पाई के कार्यकारी सचिव रविंद्र
सैनी ने बताया कि सरकारी खरीद एजेंसियों के पास अभी कोई शैलर वाले नहीं आए
हैं। जल्द ही खरीद शुरू कर दी जाएगी।