नेताओं की गाड़ी के टायरों की निकाली हवा।
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मंदिर गांव से कुछ दूर अलग स्थान पर है पर मंदिर आने वाले लोगों ने भाजपाइयों को देखा तो इसकी सूचना गांव में दी। धीरे-धीरे लोग इकट्ठे होने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ किसानों ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि भाजपा नेताओं को ले जाओ भीड़ इकट्ठी हो रही है। उन्होंने ग्रोवर को इस बारे में बताया लेकिन ग्रोवर नहीं माने। धीरे-धीरे भीड़ इकट्ठी हो गई, दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी घेराबंदी कर ली। फिर आसपास के गांवों के किसान भी ट्रैक्टर-ट्रालियों में पहुंचने लगे। इस बीच किसान नेताओं प्रीत सिंह, अनिल नांदल, राजू मकड़ौली आदि ने दोनों पक्षों में गतिरोध दूर करने की कोशिश की। पुलिस किसान नेताओं को अंदर ले गई, पर ग्रोवर से बातचीत के बाद भी कुछ नहीं हुआ। इस बीच एसपी उदय सिंह मीणा पहुंच गए। इस बीच दोनों पक्षों के बीच एक बार सुलह की कोशिश हुई पर कामयाब नहीं हुई। माहौल खराब होता देख दोपहर तीन बजे सोनीपत की फोर्स भी पहुंच गई, आरएएफ, सीआरपीएफ को तैनात कर दिया गया, लेकिन उन्हें बाहर ही रखा गया था। इस दौरान डीसी कैप्टन मनोज कुमार भी पहुंच गए। शाम 4.10 पर महिलाओं को बाहर निकाला गया। इस दौरान शाम ढल रही थी, भीड़ बढ़ती जा रही थी, अंधेरे में प्रदर्शनकारियों से भिड़ कर भाजपाइयों को निकालना बेहद मुश्किल था। हर कोई चाहता था कि ग्रोवर माफी मांग लें और आखिर ग्रोवर बाहर आए और हाथ जोड़ दिए।
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दोपहर में ही निपट जाता विवाद
किसान नेताओं से बातचीत के बाद भाजपा नेता माफी मांगने को तैयार हो गए थे। दोपहर 1ः42 बजे भाजपा नेता बालकनी में आए, सतीश नांदल ने हाथ जोड़ कर कहा कि यहां बड़ा आयोजन था। पीएम मोदी के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण के लिए यह मंदिर चुना गया था जो हमारे लिए गर्व की बात थी। हम तो श्रद्धा की भावना से मंदिर आए थे। अगर आप लोग चाहते तो आगे से नहीं आएंगे। फिर वे अंदर चले गए, किसान शांत हो गए, लगा कि विवाद निपट गया है। लेकिन अचानक ही युवा प्रदर्शनकारी चिलाए कि ग्रोवर ने हाथ जोड़ कर माफी नहीं मांगी और फिर विवाद शुरू हो गया।
मंदिर के बाहर तैनात पुलिस बल
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टायरों की हवा निकाली
प्रदर्शनकारियों ने मंदिर के बाहर खड़ी भाजपा नेताओं की कार के टायरों की हवा निकाल दी। ग्रोवर की कार को तो स्टेज बना दिया गया। युवकों ने उस पर चढ़ कर नारेबाजी की, भाषण दिए। कम उम्र के युवा उस पर टहलते रहे। एक अन्य वाहन को भी नुकसान पहुंचाया गया।
ग्रोवर बोले, नहीं माफी मांगी
पूर्वमंत्री मनीष ग्रोवर ने किलोई से निकलने के बाद कहा है कि उन्होंने माफी नहीं मांगी। ग्रोवर ने कहा कि हुड्डा खाप के लोगों ने उनसे कहा कि बाहर जाकर हाथ जोड़ कर राम-राम कर लें। तो मैंने भी बाहर आकर हाथ जोड़ कर राम-राम की थी। रही बात मंदिर आने की तो मैं आज पहली बार नहीं आया हूं, काफी समय से मंदिर आता रहा हूं। आगे भी जब भोले बाबा बुलाएंगे तो जरूर आउंगा।