मौके पर पहुंचे गुरनाम सिंह चढ़ूनी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के एलान पर किसानों ने खुशी जाहिर की है। किसान नेता दशरथ मलिक ने कहा कि जब तक संसद में बिल रद्द नहीं होगा, तब तक हम अपनी घर वापसी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि सरकार एमएसपी पर भी कानून बनाए। धरना स्थल पर किसानों के चेहरे पर रौनक साफ दिखाई दी। किसानों ने कहा कि हमारे 800 किसान जो शहीद हुए हैं, यह उनकी जीत है। सरकार को पहले ही कानूनों को रद्द कर देना चाहिए था, ताकि हमारे किसानों को आंदोलन ने जान न गंवानी पड़ती। सरकार अहंकार पर चल रही थी, जिसका घमंड किसानों ने तोड़ने का काम किया है। किसानों के धरने में किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी भी पहुंच गए हैं।
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धरना स्थल पर किसानों का जमावड़ा लगना शुरू
रामचंद्र जांगड़ा प्रकरण में किसान नेता कुलदीप राणा को न्याय दिलाने को लेकर किसान 12 दिनों से लघु सचिवालय के सामने धरने पर बैठे हुए हैं। उनकी मांग है कि रामचंद्र जांगड़ा व उसके सहयोगियों पर मामला दर्ज नहीं होता और किसानों पर दर्ज मामले वापस नहीं होते, वे धरने पर बैठे रहेंगे। विधायक सोमवीर सांगवान ने घायल कुलदीप राणा के परिजनों से मुलाकात कर उनकी पत्नी को एक लाख रुपये की सहायता राशि भेंट की। सांगवान ने कहा कि वह कुलदीप राणा के परिवार के साथ खड़े हैं, जिस प्रकार सहायता की जरूरत पड़ेगी, वे उनके पास नजर आएंगे। सरकार अहंकार में डूबी हुई थी, जिसका घमंड देश के अन्नदाता ने तोड़ने का काम किया है।
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उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर किसान 11 महीनों से आंदोलन कर रहे हैं, सैकड़ों की संख्या में हमारे किसान शहीद हुए हैं। वहीं, किसी प्रकार से धरनास्थल पर अप्रिय घटना न घटित हो, उसको लेकर चार जिलों की पुलिस को तैनात किया गया है। वहीं 7 डीएसपी, रेपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की गई है।
मौके पर मौजूद किसान
कदम उठाए सरकार
हरियाणा कांग्रेस किसान सेल के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कासनियां ने कहा कि किसानों का संघर्ष रंग लाया। 3 कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले पर किसानों को हार्दिक बधाई। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी केस वापस लिए जाएं। साथ ही आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को उचित मुआवजा व सरकारी नौकरी दी जाए। सरकार को किसानों के अन्य मुद्दों के समाधान के लिए किसानों के साथ बैठकर बातचीत शुरू करनी चाहिए। उनकी समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए। आज खेती की लागत ज्यादा है और किसान की आमदनी कम है। कृषि को लाभकारी बनाने के लिए सरकार को कदम उठाने चाहिए।