जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अंशु शुक्ला की अदालत ने मंगलवार को नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के दोषी को सात साल कैद और 41 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अदालत में पेश मामले के अनुसार, हरिनगर में रहने वाले एक व्यक्ति ने 02 जून 2013 को थाना भूपानी में दर्ज कराए मामले में बताया था कि उसकी 15 साल की बेटी इसी इलाके में स्थित एक स्कूल में पढ़ती है। आठ मई 2013 को भी वह स्कूल गई थी। लेकिन लौट कर घर नहीं आई। कई दिनों की तलाश के बाद लड़की का कोई सुराग नहीं लगा।
तलाश के दौरान उसे पता चला कि उसकी बेटी को इसी इलाके में रहने वाले रोहताश नामक युवक के साथ देखा गया है। उसके कमरे पर गया तो पता चला कि वह भी उसी दिन से गायब है। इसके बाद उसने पुलिस में मामला दर्ज करवाया।
पुलिस ने खोजबीन के बाद दो जून को आरोपी रोहताश को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लड़की को बरामद कर लिया था। मेडिकल जांच में लड़की के साथ दुष्कर्म किए जाने की पुष्टि होने पर पुलिस ने दुष्कर्म की धाराओं में केस दर्ज किया था।