हरियाणा की धरती से कई नामचीन लोगों ने देश में अपना नाम रोशन किया है लेकिन फिलहाल देश की तीन हस्तियों विवादों के केंद्र में हैं।
शुरुआत हुई योग गुरु बाबा रामदेव से। उत्तराखंड सरकार ने रामदेव के खिलाफ 81 मामले दर्ज कराए। अगले दिन आम आदमी पार्टी के सूत्रधार अरविंद केजरीवाल स्टिंग आपरेशन के कारण चर्चा में आए। हालांकि इस स्टिंग में भले ही केजरीवाल सीधे न फंसे हों लेकिन उनकी पार्टी सवालों के घेरे में आ गई। कुछ दिन पहले ही अन्ना की एक वीडियो सीडी और फंड के मामले में वे आरोपों में घिरे थे। अब तरुण तेजपाल का नाम विवादों में आया है। उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले में एफआईआर दर्ज हो गई है।
जो दिख रहा है वही नहीं है पूरा सच: तेजपाल
हरियाणा से जुड़ी इन तीनों शख्सों पर मौजूदा समय भारी पड़ रहा है। उन पर महिला सहकर्मी के यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। 15 मार्च 1965 को जन्मे तरुण तेजपाल के पिता सैन्य अधिकारी थे। बाद में उनके पिता ने हिसार में वकालत की और उनकी माता ने यहां कई साल प्राइवेट स्कूल संचालित किया। तीन साल पहले उनके माता-पिता हिसार से दिल्ली शिफ्ट हुए हैं। हालांकि तरुण तेजपाल का पुराना संबंध अमृतसर से रहा है।
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बाबा रामदेव हरियाणा के जिला महेंद्रगढ़ के गांव अली सैयदपुर के हैं। योग गुरु बाबा रामदेव के पतजंलि योग पीठ के खिलाफ 81 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें बेनामी जमीन, जमीन के दुरुपयोग, स्टांप चोरी और अवैध कब्जे जैसे मामले हैं। आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल हिसार के हैं। एक स्टिंग आपरेशन में उनकी पार्टी के कुछ लोगों पर चंदे के रूप में ब्लैक मनी लेने का आरोप लगा है।
यादों की धरोहर से हटाएंगे तरुण का नाम
हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष एवं लेखक डा. कमलेश भारतीय ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि तरुण तेजपाल के आचरण से उनके एक आदर्श की मूर्ति खंड़ित हो गई। कमलेश भारतीय की पुस्तक यादों की धरोहर जल्द बाजार में आने वाली है।
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भारतीय के अनुसार तरुण तेजपाल देश के स्टार रिपोर्टर रहे हैं। उनकी नजर में पत्रकारिता के क्षेत्र में वे एक आदर्श थे। लेकिन ताजा घटनाक्रम से उनका जो चेहरा सामने आया, उससे उन्हें आघात लगा। अब वे अपनी पुस्तक से तरुण तेजपाल के अंश बाहर कर देंगे।