औद्योगिक नगरी के जाम की समस्या का खामियाजा रविवार को हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटैट) देेने आए दिल्ली सहित अन्य जिलों के सैकड़ों परीक्षार्थियों को भुगतना पड़ा। केंद्र पर देरी से पहुंचने की वजह से उन्हें परीक्षा से वंचित कर दिया गया।
परीक्षार्थियों ने काफी देर तक परीक्षा केंद्रों के बाहर हंगामा किया। लेकिन अंत में सुनवाई नहीं होने पर उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से रविवार को एचटैट की लेवल वन (एक से पांचवीं) व टू (छठी से आठवीं) की परीक्षा का सुबह 10.30 बजे से लेकर शाम को 5.30 बजे तक चली।
इसके लिए बनाए गए कुल 116 केंद्रों पर 7765 परीक्षार्थियों को शामिल होना था। ऐसे में अन्य जिलों से आने वाले परीक्षार्थियों का देर रात से ही शहर में पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। जो लोग एक दिन पहले शहर में पहुंचे थे उन्हें केंद्र तक पहुंचने में दिक्कत नहीं हुई। लेकिन जो लोग रविवार को आए उनमें से कई लोगों की परीक्षा छूट गई। पांच मिनट की देरी भी केंद्र संचालकों को मंजूर नहीं थी। लोगों ने कहा कि शहर में जाम की वजह से देरी हुई है, लेकिन केंद्र संचालक किसी की नहीं माने।
रोहतक से लेवल टू की परीक्षा देने आए दिनेश भारद्वाज ने बताया कि वह पेपर देने के लिए 3.20 बजे परीक्षा केंद्र पर पहुंचे। इसके चलते उनको परीक्षा में शामिल नहीं किया गया। वहीं रोहतक से आए देवेंद्र अहलावत ने बताया कि उनका सेंटर सेक्टर-34 के प्राइवेट स्कूल में पड़ा था। लेकिन जगह-जगह जाम के कारण वह समय से नहीं पहुंच पाए। इसी केंद्र पर डेढ़ सौ से अधिक लोगों की परीक्षा छूटी। मंजू, जयपाल संजय ने बताया कि उनकी परीक्षा भी जाम की वजह से छूट गई।
परीक्षा समाप्त होने के बाद भी अचानक सड़कों पर भीड़ उमड़ आई। इससे शहर के अंदरूनी मार्गों से लेकर बाहरी सड़क तक पर वाहन रेंग-रेंगकर चले। हाईवे पर इस समय मेट्रो का काम चल रहा है। इसलिए भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जबकि सूरजकुंड रोड मेले की वजह से पहले ही व्यस्त रहा।
बोर्ड के नियमों को ध्यान में रखते हुए कुछ समय की रियायत परीक्षार्थियों को दी गई थी, लेकिन ज्यादा लेट होने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया। परीक्षा के दौरान दो परीक्षार्थी नकल के दोषी पाए गए हैं।
- राजीव कुमार अरोड़ा, जिला शिक्षा अधिकारी, फरीदाबाद।