बहादुरगढ़ में धरनास्थल पर गुरु नानक जयंती मनाते किसान
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीन कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की घोषणा पर क्षेत्र के उद्यमियों ने भी खुशी जताई है। कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ साल भर से चल रहे आंदोलन के कारण लगभग 20 हजार करोड़ का नुकसान झेल चुके उद्यमियों को अब उम्मीद है कि आंदोलन खत्म होगा और उनके उद्योग धंधे सुचारू हो जाएंगे। आंदोलन खत्म होगा तो टीकरी बॉर्डर से दिल्ली आवागमन सुगम हो जाएगा और उनका व्यापार दौड़ेगा। लाखों लोगों को रोजगार चलाने में आ रही बाधा खत्म हो जाएगी। दरअसल पिछले साल 26 नवंबर को शुरू हुए आंदोलन की वजह से बहादुरगढ़ के छोटे-बड़े करीब 7 हजार उद्योगों को सीधे तौर पर नुकसान हो रहा है।
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लाखों लोगों का रोजगार छिन गया है। दिल्ली से कच्चा माल लाने व तैयार माल ले जाने के लिए अतिरिक्त किराया देना पड़ रहा है। यहां की करीब 1600 फैक्ट्रियां कई माह तक तकरीबन बंद पड़ी रहीं। इससे उद्यमियों को काफी नुकसान हो रहा था। उद्योगपति रास्ते खुलवाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में भी गुहार लगा चुके हैं।
टीकरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन के कारण उद्योगों को बहुत कठिनाई हो रही है। किसानों की नाराजगी का कारण बने तीन कृषि सुधार कानूनों को अब वापस लेने की घोषणा प्रधानमंत्री का सही निर्णय है। आंदोलन खत्म हो जाए तो बहादुरगढ़ के उद्योग धंधे सुचारू हो जाएंगे। लोगों को रोजगार मिलेगा। यहां की प्रगति होगी।
-आरबी यादव, उद्योग सलाहकार, बहादुरगढ़
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पीएम मोदी की घोषणा से उद्यमियों व कामगारों में खुशी है। हम एक साल से नुकसान झेल रहा था। कामगार भी परेशान थे। रोजगार भी खत्म हो रहा था। मगर अब आंदोलन खत्म होगा तो यह उम्मीद है। इससे जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई व्यापार पटरी पर आने के बाद होगी।
-वरिंदर कुमार, वाइस प्रेजिडेंट, रिलेक्सो फुटवियर, बहादुरगढ़
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पीएम मोदी ने तीनों कृषि कानून वापस लेने की घोषणा करके हर वर्ग को खुशी दी है। यह किसानों की जीत है। अब हमें भी उम्मीद है कि आंदोलन खत्म होगा और उनका व्यापार भी अच्छा चलेगा।
-नरिंदर छिकारा, वरिष्ठ उप प्रधान, बहादुरगढ़ फुटवियर पार्क एसोसिएशन