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गए थे वसूली को खुद की जान पर बन आई

Thu, 17 Oct 2013 09:39 PM IST
झज्जर/ब्यूरो।
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हरियाणा में बकाया बिजली बिल की रिकवरी करने गए बिजली विभाग के चार कर्मचारियों को वीरवार के दिन बेरी के गांव डीघल में एक घर के अन्दर करीब डेढ़ घंटे तक बंधक बना लिया गया। बंधक बनाए जाने वाले बिजली कर्मियों में बिजली विभाग को जेई भी शामिल है।
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हांलाकि करीब डेढ़ घंटे बाद बिजली विभाग के अधिकारियों से मिली सूचना के बाद डीघल पुलिस चौकी इन्चार्ज ने उक्त सभी बिजली कर्मियों को अपनी दिमागी सूझ-बूझ का परिचय देते हुए मुक्त भी करा लिया गया। लेकिन घटना के बाद से बिजली विभाग के तमाम बिजली कर्मचारियों में गहरा रोष व्याप्त है और सभी ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही करने की मांग की है। इस मसले में बिजली विभाग की यूनियन में बंधक बनाए गए बिजली कर्मचारियों के समर्थन में आ खड़ी हुई है।

यहां आपको बता दे कि इन दिनों बिजली विभाग की हाई पावर कमेटी द्वारा प्रदेश के करीब-करीब सभी जिलों में बिजली बिलों की रिकवरी के लिए एक अभियान छेड़ने के आदेश दिए हुए है। बेरी क्षेत्र में भी बिजली उपभोक्ताओं पर विभाग का करीब दो करोड़ रूपया बकाया है। इसी लेनदारी की रिकवरी के लिए बेरी बिजली विभाग के अधिकारियों ने एक अभियान छेड़ा हुआ है।
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वीरवार को इसी सिलसिले में बिजली बिभाग के कुछ कर्मचारी बेरी के ही गांव डीघल में बिजली बिल की रिकवरी के लिए गए हुए थे। इन कर्मियों में बिजली विभाग के जेई प्रवीण कुमार,एएसएस ईश्वर, लाईनमैन राजबीर व एएलएम अजीत सिंह शामिल थे।

बताया जाता है कि गांव डीघल के राजेन्द्र पुत्र फूल सिंह नामक उपभोक्ता पर भी विभाग का 46 हजार रूपया बकाया है। आरोप है किजब उक्त कर्मचारी राजेन्द्र के घर में रिकवरी के लिए गए तो वहां मौजूद राजेन्द्र व उसके परिजनों ने सभी बिजली कर्मचारियों को घर के ही एक कमरे में रोक दिया।

इस बात की भनक जब बिजली विभाग के अन्य अधिकारियों को लगी तो उन्होंने तुरन्त इसकी सूचना पुलिस  को दी। बाद में डीघल चौकी के पुलिस प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और राजेन्द्र के घर में कैद सभी बिजली कर्मियों को मुक्त कराया। इस मामले की भनक जब बेरी बिजली विभाग में कार्यरत अन्य कर्मचारियों को लगी तो उन्होंने इस मामले में अपना कडा रोष जाहिर किया।

बिजली विभाग की यूनियन ने तो इस मामले में एक तरह से अल्टीमेटम देते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की। समाचार लिखे जाने तक इस मामले में पुलिस द्वारा कोई भी गिरफ्तारी नही की गई थी।
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