रविवार को हरियाणा के 7 नगर निकायों (नगर निगमों) के चुनाव के लिए मतदान होगा। इन चुनावों में कुल 8,71,048 मतदाता हैं, जिनमें 4,21,679 महिला मतदाता शामिल हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने दावा किया है कि सभी तैयारियां पूरी हैं।
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हरियाणा के सात निकाय चुनाव के लिए रविवार को वोट डाले जाएंगे। सातों निकायों में कुल 8,71,048 मतदाता हैं। इनमें से 4,21,679 लाख मतदाता महिलाएं हैं। सातों निकायों में कुल 112 से ज्यादा बूथ को संवदेनशील की श्रेणी में रखा गया है। सातों निकायों में 614 प्रत्याशियों की किस्मत रविवार को ईवीएम में बंद होगी। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से दावा किया गया है कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मतदान सुबह आठ बजे से शुरू होगा। इन चुनावों में भाजपा सरकार ने जहां अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। वहीं, कांग्रेस ने सत्ता पक्ष की चुनौती स्वीकार करते हुए काफी कड़ी मेहनत की है।
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कई जगह निर्दलीय उम्मीदवार भी सीधे भाजपा व कांग्रेस उम्मीदवार को चुनौती दे रहे हैं। इससे कई जगहों पर सीधे मुकाबले की बजाय त्रिकोणीय और बहुकोणीय राजनीतिक जंग में बदल गए हैं, जिससे चुनावी समीकरण पूरी तरह उलझता नजर आ रहा है।
अंबाला में त्रिकोणीय मुकाबला
अंबाला शहर नगर निगम में मेयर पद पर भाजपा की अक्षिता सैनी, कांग्रेस की कुलविंदर कौर और आजाद प्रत्याशी सोनिया चौधरी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। खास बात यह है कि आजाद उम्मीदवार की मौजूदगी ने भाजपा और कांग्रेस दोनों के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाकर मुकाबला और रोचक बना दिया है।
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सोनीपत में दांव पर भाजपा की साख
सोनीपत नगर निगम में भाजपा के राजेश जैन और कांग्रेस के कमल दिवान के बीच सीधा मुकाबला है। 2,96,045 मतदाता 22 वार्डों में 264 बूथों पर वोट डालकर शहर की सत्ता का फैसला करेंगे। यहां भाजपा के सामने कुर्सी बचाने और कांग्रेस के सामने वापसी की चुनौती है।
सीएम सैनी का पंचकूला पर फोकस
पंचकूला में भाजपा के श्याम लाल बंसल और कांग्रेस की रेखा भारद्वाज आमने-सामने हैं, जिससे मुकाबला सीधा और प्रतिष्ठापूर्ण बन गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का पंचकूला में विशेष फोकस रहा है। वे अकेले पंचकूला में ही चुनाव प्रचार के लिए पांच से ज्यादा बार गए। बागियों को बैठाने में उनकी अहम भूमिका रही है।
उकलाना व सांपला का चुनाव हुआ रोचक
उकलाना नगर पालिका में 15,507 मतदाता अपने प्रतिनिधि चुनेंगे, जहां भाजपा की निकिता गोयल और निर्दलीय रीमा सोनी के बीच सीधी टक्कर है। पहली बार वोट डालने वाले करीब 2200 युवा भी नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं। रोहतक के सांपला में मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है, जहां भाजपा प्रत्याशी प्रवीण कोच को दो निर्दलीय उम्मीदवारों की चुनौती झेलनी पड़ रही है। कांग्रेस ने उम्मीदवार न उतारकर मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। धारूहेड़ा नगर पालिका में भी त्रिकोणीय संघर्ष है, जहां भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशी के बीच मुकाबला बेहद कड़ा है। रेवाड़ी नगर परिषद में भाजपा की विनीता पीपल और कांग्रेस की निहारिका चौधरी के बीच सीधी भिड़ंत है। यहां चुनाव स्थानीय नेताओं की प्रतिष्ठा से भी जुड़ गया है।
सीएम व मंत्रियों और कांग्रेस के चार सांसद व तीन विधायकों की साख दांव पर
यह चुनाव भले ही छोटे स्तर का हो, मगर यह चुनाव सभी की साख से जुड़ा हुआ है। पंचकूला मेयर चुनाव में कांग्रेस विधायक चंद्रमोहन बिश्नोई व सांसद वरुण चौधरी की साख जुड़ी हुई है। वहीं, भाजपा के प्रभारी विपुल गोयल व सीएम नायब सिंह सैनी की भी साख जुड़ी हुई है। वहीं, अंबाला को मुख्यमंत्री का गृह जिला माना जाता है। यहां अंबाला सिटी से पूर्व मंत्री असीम गोयल व कैबिनेट मंत्री अनिल विज की प्रतिष्ठा जुड़ी हुई है। कांग्रेस की ओर से विधायक निर्मल सिंह व सांसद के तौर पर वरुण चौधरी का क्षेत्र है।
सोनीपत भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली का गृह जिला है। यहां भाजपा के निखिल मदान विधायक हैं। दूसरी ओर कांग्रेस से सांसद सतपाल ब्रह्मचारी हैं। रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत का मजबूत राजनीतिक प्रभाव वाला इलाका माना जाता है। उनकी बेटी आरती राव राज्य सरकार में मंत्री हैं। यहां भाजपा के लक्ष्मण सिंह यादव विधायक हैं, जबकि कांग्रेस में पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव को पार्टी ने चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। सांपला को हुड्डा परिवार का गढ़ माना जाता है। यहां से दीपेंद्र सिंह हुड्डा सांसद हैं। उकलाना में कांग्रेस के नरेश सेवाल विधायक हैं, जबकि सांसद जय प्रकाश हैं। वहीं बरवाला से कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा की भी भूमिका भी अहम मानी जाती है।
ये मुद्दे हैं अहम
1. सातों निकायों में सफाई व्यवस्था
2. स्वच्छ पेयजल आपूर्ति
3. स्ट्रीट लाइटें
4. पार्किंग का मुद्दा
5. भ्रष्टाचार का मुद्दा