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सूचना नहीं दी, सिरसा के एसपी तलब

Tue, 29 Oct 2013 09:17 PM IST
सिरसा/ब्यूरो
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आरटीआई का ठीक ढंग से पालन न करने पर सूचना आयुक्त ने राज्य जनसूचना अधिकारी-सह-पुलिस अधीक्षक सिरसा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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सूचना आयुक्त उर्वशी गुलाटी ने कहा है कि क्यों न सूचना देने में देरी के लिए 250 रुपये प्रतिदिन की दर से अधिकतम 25000 रुपये जुर्माना कर दिया जाए। उन्होंने एसपी को सात नवंबर को आयोग के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होने की भी हिदायत दी है।


राज्य सूचना आयोग ने उपायुक्त कार्यालय के राज्य जनसूचना अधिकारी को मामले में एक सप्ताह में सूचना प्रदान करने और इसकी रिपोर्ट आयोग को देने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने सब्जी मंडी चौकी के तत्कालीन प्रभारी रामनिवास के बारे में मांगी गई व्यक्तिगत जानकारी भी देने की हिदायत दी है। साथ ही एएसआई रामनिवास की नियुक्ति संबंधी जानकारी देने केभी निर्देश दिए हैं।
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पुलिस अधीक्षक कार्यालय के जनसूचना अधिकारी ने आरटीआई एक्ट की धारा (1) और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए एएसआई रामनिवास से संबंधित सूचना देने से इंकार कर दिया था।


सिरसा निवासी योगेश मुद्गिल ने एसपी कार्यालय से 12 मार्च 2013 को कुछ जानकारी मांगी थी। एसपी कार्यालय की ओर से 10 अप्रैल 2013 को जवाब दिया गया जो अधूरा और अस्पष्ट था। इसके विरोध में प्रथम अपीलीय अधिकारी-सह-पुलिस महानिरीक्षक हिसार रेंज के सामने आठ मई 2013 को अपील की गई। आईजी हिसार ने पुलिस विभाग की तरफदारी की और मामला निपटा दिया।

इसके बाद राज्य सूचना आयोग हरियाणा के सामने दूसरी अपील 14 जून 2013 को दाखिल की गई। मामले की सुनवाई राज्य सूचना आयुक्त उर्वशी गुलाटी ने की। इसमें योगेश मुद्गिल वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए और उन्होंने अपना पक्ष रखा। एसपी कार्यालय की ओर से पुलिस उपाधीक्षक ऐलनाबाद अभय सिंह आयोग के सामने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए।


गुलाटी ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद एएसआई रामनिवास की नियुक्ति संबंधी मांगी गई जानकारी प्रदान करने की हिदायत दी। आयुक्त ने पुलिस अधीक्षक को मांगी गई सूचना एक सप्ताह में देने के निर्देश दिए। उपायुक्त कार्यालय से संबंधित सूचना के लिए उपायुक्त कार्यालय के राज्य सूचना अधिकारी को एक सप्ताह में सूचना देने की हिदायत दी।
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इसके साथ ही राज्य सूचना आयुक्त ने उपायुक्त कार्यालय से संबंधित सूचना को अग्र-प्रेषित करने में विलंब करने पर राज्य जनसूचना अधिकारी-सह-पुलिस अधीक्षक सिरसा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिसमें पूछा गया है कि आरटीआई एक्ट की धारा 20(1) के तहत क्यों न 250 रुपये प्रतिदिन की दर से अधिकतम 25000 रुपये तक जुर्माना किया जाए।
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