हरियाणा में कांग्रेस की करारी हार के कारणों पर मंगलवार को तीन बड़े नेताओं के बीच करीब डेढ़ घंटा चर्चा हुई।
इसके साथ ही प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए एक जून से गतिविधियां चलाने का फैसला भी लिया गया।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के दिल्ली स्थित आवास पर मंगलवार को हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर और हरियाणा प्रभारी डॉ. शकील अहमद के बीच बातचीत हुई।
बैठक के बाद अमर उजाला से फोन पर बात करते हुए तंवर ने कहा कि बैठक में लोकसभा चुनाव परिणाम पर चर्चा हुई।
साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तीसरी बार कांग्रेस की सरकार बनानी है। उसके अनुसार ही रणनीति तैयार की जाएगी।
मोटे तौर पर उस पर तीनों नेताओं के बीच चर्चा हो चुकी है। तंवर पहले ही चुनाव हारने के कारण पार्टी में भितरघात और अफसरशाही को जिम्मेवार ठहरा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि जो कमियां रही हैं, उन्हें दूर किया जाएगा। भितरघात पर कार्रवाई कब तक किए जाने के सवाल पर तंवर ने कहा कि भितरघात की चिंता सबसे ज्यादा पार्टी नेताओं को है।
कार्रवाई जरूर होगी मगर संगठन भी मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि सारे काम साथ-साथ चलते रहेंगे। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए जिला और विधानसभा स्तर पर बैठकें होंगी।
समय से पहले टिकटों का बंटवारा कर दिया जाएगा। टिकट सही लोगों को बंटेंगे। उन्होंने कहा कि पूरी कांग्रेस मिलकर तीसरी बार सरकार बनाने के लिए काम करेगी।
जिला स्तर पर कार्यकर्ता सम्मेलन किए जाएंगे। कांग्रेस के अन्य फ्रंटल संगठनों को मजबूत किया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी के बारे में तंवर ने कहा कि कार्यकारिणी भी गठित की जाएगी मगर अन्य कार्य भी होते रहेंगे।