मातन गांव में शुक्रवार रात एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर घर में जा
घुसा, जिसके नीचे आने से अंदर सो रहा गुलाब (40) गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल ने पीजीआई रोहतक में दम तोड़ दिया। वहीं, घायल चालक राज का
भी पीजीआई में इलाज चल रहा है। घटना के रोषस्वरूप ग्रामीणों ने
बहादुरगढ़-बेरी मार्ग करीब दस घंटे तक जाम रखा। अधिकारियों ने पीड़ित
परिवार को दस लाख रुपये मुआवजा और पत्नी को सरकारी नौकरी दिलाने का आश्वासन
दिया है। जाम की वजह से वाहन चालकों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा।
शुक्रवार
रात गांव मातन में गुलाब (40) अपने पिता रामे के साथ घर के आंगन में
चारपाई बिछाकर सो रहा था। राम करीब दो बजे बेरी से बहादुरगढ़ की ओर आ रहा
एक ट्रक गांव मातन में तेज मोड़ होने की वजह से घर में जा घुसा। उसमें चने
की बोरियां भरी हुई थीं। ट्रक के नीचे आकर गुलाब गंभीर रूप से घायल हो गया,
जबकि रामे बाल-बाल बच गया। घायल को ग्रामीण उपचार के लिए पीजीआई रोहतक ले
गए, वहां उसने दम तोड़ दिया।
घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने
बहादुरगढ़-बेरी मार्ग पर शनिवार सुबह जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने कहा कि इस
रोड पर आए दिन भारी वाहनों की वजह से हादसे होते रहते हैं। यहां पर बाईपास
बनाया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को दस लाख मुआवजे और
सरकारी नौकरी की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें काफी समझाया, लेकिन
ग्रामीणों ने किसी की एक नहीं सुनी।
अधिकारियों ने ग्रामीणों की
सांसद दीपेंद्र हुड्डा से फोन पर बातचीत भी करवाई, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग
को लेकर अडे़ रहे। करीब साढ़े पांच बजे एसडीएम सतीश यादव ने ग्रामीणों को
समझाया और उन्हें दस लाख मुआवजे और नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। इस पर
ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।