चंडीगढ़ सीबीआई ने अंबाला जनरल पोस्ट ऑफिस (जीपीओ) स्थित डाक विभाग के सहायक अभियंता कुलभूषण को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कुलभूषण से पूछताछ के बाद कार्यकारी अभियंता अलोक सक्सेना को पकड़ा गया। दोनों को सीबीआई ने विशेष अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। आरोप है कि गुहला स्थित डाकघर की मरम्मत के बकाया भुगतान की एवज में सहायक अभियंता (असिस्टेंट इंजीनियर) ने कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) के कहने पर ठेकेदार से रिश्वत ली है। सूत्रों के अनुसार गिरफ्तारी के बाद विभाग ने दोनों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
अंबाला निवासी सौरभ कौशल ने शिकायत दी थी कि वह सरकार से अधिकृत ठेकेदार हैं। उसने कैथल के गुहला में डाकघर की मरम्मत करने का ठेका लिया था और उसे पूरा करने के बाद दो किस्तों में 93661 रुपये का भुगतान चाहता था। वह अंबाला में जनरल पोस्ट ऑफिस (जीपीओ) स्थित डाक विभाग की पोस्टल सिविल सब डिविजन के सहायक अभियंता (सिविल) कुलभूषण के पास गया तो उसने भुगतान की एवज में दस प्रतिशत कमीशन मांगा।
शिकायत मिलने पर सीबीआई ने सौरभ को सहायक अभियंता के कार्यालय में भेजा। सौरभ ने बकाया भुगतान निकलवाने की एवज में जैसे ही दस हजार रुपये दिए तो सीबीआई ने सहायक अभियंता को गिरफ्तार कर लिया और उसके कब्जे से रिश्वत की राशि भी बरामद की। सहायक अभियंता ने बताया कि यह राशि उसने एक्सईएन अलोक सक्सेना के कहने पर ली है। इसके बाद सीबीआई ने एक्सईएन को गिरफ्तार किया और दोनों अफसरों से घंटों पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने सहायक अभियंता का घर भी खंगाला।
एक्सईएन की पेमेंट दे जा...हमारे देता है तो हमें दे दे : सहायक अभियंता
ठेकेदार द्वारा दी शिकायत को सीबीआई ने पहले पूरी तरह सत्यापित किया और अपने कब्जे में ठेकेदार, सहायक अभियंता और कार्यकारी अभियंता की वीडियो-आडियो रिकार्डिंग भी ली। रिकार्डिंग की गहन जांच के बाद सीबीआई ने अंबाला डाक विभाग के इन अफसरों पर शिकंजा कसा। रिकार्डिंग में सहायक अभियंता ठेकेदार से कहता है-एक्सईएन को पैसे देने है तो उन्हें दे दे...हमें देने हैं तो हमें दे दे...लगभग एक लाख की पेमेंट है, जो तेरे को ठीक लगे यार दे दे तू...।’ ठेकेदार बोला, नहीं सर आप ही बता तो जो ठीक हो...। इस पर सहायक अभियंता कहता है-मुझे क्या पता यार...बच्चों वाली बात करता है तू...क्या ठेकेदारी करता है, पहली बार कर रहा है क्या...भाई मेरे बात सुन....एक लाख की पेमेंट है...एक्सईएन की पेमेंट दे जा... हमारे पैसे देने है दे, नहीं देने मत दे...मैं कुछ नहीं कहता पचास हजार कहूंगा तो पचास हजार थोड़ी दे देगा...मैं बीस हजार कहूंगा दे देगा... जो बनता है दे दे तू...मैने तेरा कोई काम रोका है, तो बता...‘आउट ऑफ द वे’ जाकर मैंने काम करा है, बता देता हूं...फिर तू ऐसी बात करता है। आगे ठेकेदार कहता है ‘ठीक है सर ...मैं एक तारीख को दे जाऊंगा।