पिछले 20 वर्ष से स्वच्छता कर्मी के रूप में कार्य कर रहीं पंचकूला की सरोज बाला ने यह टीका पहले फेज में लगवाने की इच्छा जताई थी। टीका लगवाने के बाद उन्होंने बताया कि फ्रंटलाइन कार्यकर्ता होने के नाते वह वैक्सीन लगवाने के लिए उत्साहित थीं। टीका लगवाने के बाद उनको कोई परेशानी नहीं हुई।
जिन्हें वैक्सीन दी वे अच्छा महसूस कर रहे
स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा ने बताया कि जिन्हें वैक्सीन दी गई है, वे अच्छा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि दिशानिर्देश के अनुसार टीकाकरण स्थल पर तीन हिस्से बनाए गए हैं। ये प्रतीक्षा क्षेत्र, टीकाकरण कक्ष और ऑब्जर्वेशन क्षेत्र हैं। वैक्सीन लगाने से पहले लाभार्थी की जानकारी कोविन पोर्टल पर अपडेट की जाती है।
इसे अपलोड करने के बाद लाभार्थी को टीका लगाया जाता है और उसके बाद उस व्यक्ति को कुछ समय के लिए ऑब्जर्वेशन कक्ष में रखा जाता है। इस पूरे अभियान को व्यवस्थित तरीके से चलाने के लिए 5000 स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है। अरोड़ा ने कहा कि वैक्सीन लगवाने के बाद भी मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग जैसी सावधानी रखना बेहद जरूरी है।
इनका नहीं होगा टीकाकरण
स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव प्रभजोत सिंह ने बताया कि दिशानिर्देश के अनुसार यह टीका गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली महिलाओं और 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को नहीं लगाया जाएगा। रूटीन के दिनों में होने वाले टीकाकरण, पल्स पोलियो ड्राइव, सार्वजनिक अवकाश के दिन और आवश्यक स्वास्थ्य गतिविधियों के दौरान कोविड-19 वैक्सीन लगाए जाने के अभियान का संचालन न करने के निर्देश दिए गए हैं।
टीका लगवाने के बाद प्रदेश के स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. एसबी कंबोज ने कहा कि वैक्सीन सुरक्षित है और इसे काफी शोध के बाद तैयार किया गया है। लोगों को इसे बिना किसी आशंका के लगवाना चाहिए। प्रदेश में तीसरे नंबर पर टीका लगवाने वाली एडीजीएचएस डॉ. वीना सिंह ने कहा कि विशेषज्ञों ने गहन शोध के बाद वैक्सीन तैयार की है और यह पूरी तरह सुरक्षित है। हरियाणा के टीकाकरण अधिकारी डॉ. वीरेंद्र अहलावत ने बताया कि भारत सरकार द्वारा दिए गए दिशानिर्देश के अनुसार, कोविड वैक्सीन लगाने का कार्य क्रमिक रूप से स्वास्थ्य कर्मियों से शुरू किया गया है।
हरियाणा के इन प्रख्यात डॉक्टरों को लगेगी वैक्सीन
हरियाणा के 67 लाख लोगों को वैक्सीन रोल आउट के दौरान टीका लगाया जाएगा। इसके अलावा प्रख्यात डॉक्टरों मेदांता अस्पताल के निदेशक डॉ. नरेश त्रेहन, मेदांता अस्पताल में पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. सुशीला कटारिया, डीजीएचएस, हरियाणा के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ एसबी कांबोज, केसीजीएमसीएच करनाल के निदेशक डॉ. जगदीश दूरेजा और करनाल, अंबाला व गुरुग्राम के सीएमओ को वैक्सीन लगाई जाएगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के एसीएस राजीव अरोड़ा ने कहा कि भारत सरकार द्वारा दिए गए दिशानिर्देशों के अनुसार कोविड-19 वैक्सीन को क्रमिक रूप से हेल्थ केयर वर्कर्स से शुरू किया जाएगा, जिसमें श्रेणी 1 में हेल्थ केयर वर्कर्स का टीकाकरण किया जाएगा।
श्रेणी 2 में नगरपालिका और स्वच्छता वर्कर्स, राज्य और केंद्रीय पुलिस बल, नागरिक सुरक्षा, सशस्त्र बल, राजस्व के फ्रंटलाइन वर्कर्स का टीकाकरण किया जाएगा। श्रेणी 3 में 50 वर्ष से अधिक आयु और 50 वर्ष की आयु से कम की आबादी, जिन्हें पहले से कोई बीमारी हो, को वैक्सीन दी जाएगी।