हर नागरिक को राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अधिकार दिलाने वाले कुरुक्षेत्र के सांसद नवीन जिंदल ने अब अपने मूल निवास से दूर रह रहे लोगों को इंटरनेट से वोटिंग करने का अधिकार दिलाने की मुहिम छेड़ी है।
उन्होंने मांग की है कि विदेश में रह रहे एनआरआई और देश में रह रहे प्रवासी व्यक्तियों को इंटरनेट के जरिए वोटिंग का अधिकार मिलना चाहिए।
जिंदल ने वीरवार को यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वे इस संबंध में चुनाव आयुक्त डॉ. नसीम जैदी से मिल चुके हैं।
उन्होंने बताया कि लाखों लोग भारत से बाहर रह रहे हैं या देश में ही रोजगार, बीमारी, शिक्षा या अन्य किसी वजह से अपने संसदीय क्षेत्र से बाहर रह रहे हैं।
इसलिए वे वोट के अधिकार का इस्तेमाल नहीं कर पाते। उन्हें इंटरनेट, प्रॉक्सी या डाक के जरिए वोट डालने का अधिकार मिलना चाहिए।
उन्होंने डॉ. नसीम जैदी को अन्य कई देशों का हवाला देते हुए कहा कि वहां के मतदाताओं को इंटरनेट, प्रॉक्सी या डाक के जरिए वोट डालने का अधिकार है।
देश में भी सेना, अर्द्धसैनिक बलों को डाक के जरिए वोट का अधिकार है। इस बार पुलिस मुलाजिमों को भी वोट डालने का अधिकार मिला है।
इसलिए देश के उन नागरिकों को उस स्थान से मतदान करने का अधिकार दिया जाना चाहिए जो अपने मूल निवास स्थान से दूर रह रहे हैं, जिनका वोट बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि 18 वर्ष या इससे अधिक आयु के सब भारतीयों को वोट डालने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है।
सांसद नवीन जिंदल ने मांग की कि कहा कि ऐसे वोटरों को मताधिकार दिलाने के लिए निर्वाचन आयोग को केंद्र सरकार से विचार-विमर्श कर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम में बदलाव करना चाहिए।
इससे न केवल विधानसभा और लोकसभा चुनाव में वोटिंग प्रतिशत बढे़गा बल्कि देश के हर नागरिक को प्रगति और विकास में अपनी भागीदारी दर्ज करने का मौका भी मिलेगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र ने चुनाव प्रक्रिया में बदलाव कर प्रवासी भारतीयों को वोटिंग अधिकार तो दे दिया था, मगर एक शर्त जोड़ दी थी कि उन्हें अपने संसदीय क्षेत्र में पहुंचकर वोट डालना होगा।
उन्होंने बताया कि उनके सवाल पर लोकसभा में जवाब दिया गया कि पिछले साल पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में केवल 13 प्रवासी भारतीयों ने मतदान किया था।