देश में इस समय चुनावी माहौल है। ऐसे में केंद्र के किसी नेता को कला, संस्कृति के लिए फुरसत कहां, इसलिए सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय क्राफ्ट मेले की शुरुआत करने के लिए कोई केंद्रीय नेता नहीं मिला। ऐन वक्त पर बुधवार को इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नाम का चयन किया गया।
केंद्रीय नेताओं की सहमति के इंतजार का नतीजा यह है कि अभी तक मेले का आमंत्रण कार्ड तक नहीं छपा है, जबकि दो दिन बाद प्रेस प्रिव्यु है।
मेला प्रशासन के सूत्रों के अनुसार, मेजबान राज्य चाहता था कि इसकी शुरुआत सोनिया गांधी या राहुल गांधी करें, क्योंकि यहां कांग्रेस की सरकार है। इसके अलावा प्रधानमंत्री एवं अन्य केंद्रीय नेताओं को भी बुलाने की कोशिश हुई, लेकिन बात नहीं बनी।
इससे पहले के वर्षों में सोनिया गांधी, प्रतिभा पाटिल, प्रणव मुखर्जी, हामिद अंसारी और मीरा कुमार जैसे लोगों ने इसकी शुरुआत की थी, इसलिए इसका स्तर बनाए रखने के लिए किसी केंद्रीय नेता की जरूरत थी, लेकिन इस बार मेले को इस स्तर का कोई नहीं मिला, इसलिए अपने राज्य के मुख्यमंत्री से उद्घाटन करवाना मेला प्रशासन की मजबूरी बन गया। इस बारे में जब मेले के नोडल अधिकारी राजेश जून से पूछा गया तो उन्होंने सीएम का नाम बताया।