शहर की सड़कों पर दौड़ रही सिटी बसें भी अब डीटीसी की तर्ज पर विभिन्न उत्पादों का प्रचार करती नजर आएंगी। रोडवेज को घाटे से उबारने के लिए यह खास पहल की जा रही है। योजना के तहत बसों के अंदर और बाहर विज्ञापन सामग्री चस्पा की जाएगी।
परिवहन मंत्री आफताब अहमद ने इसके लिए खाका तैयार कर लिया है। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने यात्रियों और कर्मचारियों को सहूलियत देने के साथ विभाग की कमाई बढ़ाने के जरिए को भी सांझा किया। उन्होंने कहा कि बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने के लिए रोडवेज को घाटे से उबारने के तरीके खोजने होंगे। इसके लिए ही सिटी बसों में विज्ञापन चस्पा किए जाएंगे। उपभोग की वस्तुओं में अग्रणी कुछ कंपनियों से बातचीत की जा रही है। यह कंपनी की सहमति पर निर्भर करेगा कि वह एक रूट की बस को इसके लिए स्वीकार करती है या विभिन्न रूटों पर दौड़ रही बसों की एक निर्धारित संख्या तक कोई करार करती है।
गुड़गांव के अलावा दूसरे शहरों में चलाई जा रही सिटी बसों में भी यह प्रयोग किया जाएगा। इसके अलावा लंबे रूट पर दौड़ने वाली बसों में भी योजना को लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डीटीसी और राजस्थान रोडवेज के साथ अब पंजाब रोडवेज ने भी राजस्व बढ़ाने के लिए यह प्रक्रिया अपनाई है। पिछले दिनों अधिकारियों के साथ बैठक में उन पुराने रूटों का रिकॉर्ड मांगा गया है जिन पर बसें चलती थी। उन तमाम रूटों पर दोबारा बस सेवा शुरू की जाएगी।
सात साल पहले फ्लाप हो गया था प्रोजेक्ट
रोडवेज की ओर से करीब सात साल पहले इस मॉडल को अपनाया गया था जिसमें बसों के बाहरी हिस्सों में दोनों ओर और पिछले हिस्से में विज्ञापन के लिए जगह दी गई थी। इस प्रोजेक्ट में रोडवेज को ज्यादा फायदा नहीं मिला था।
रेपिड मैट्रो में भी किया गया प्रयोग
यह प्रयोग शहर में चलाई जा रही रेपिड मेट्रो में भी किया गया है। प्रबंधन की ओर से अलग-अलग कोच को अलग-अलग कंपनियों को दिया गया है। साथ स्टेशनों को बड़ी कंपनियों को सौंपा गया है। इनमें संबंधित कंपनियां ही अपने विज्ञापन आदि लगा सकती है।