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चौटाला के करियर पर लग सकता है ब्रेक

Thu, 17 Jan 2013 12:01 PM IST
डॉ. सुरेंद्र धीमान/चंडीगढ़
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जेबीटी टीचर भर्ती घोटाले में सीबीआई अदालत के फैसले से हरियाणा के पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला और उनके बेटे अजय चौटाला के आगामी छह साल तक चुनाव लड़ने पर रोक लग सकती है। इस फैसले से हरियाणा की राजनीतिक दिशा बदल जाएगी। फिलहाल छोटे बेटे अभय चौटाला ने पार्टी का मोरचा संभाल लिया है।
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जेबीटी भर्ती घोटाले में अदालत से दोषी ठहराए जाने के बाद 22 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी। मगर जिन धाराओं और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत उनको दोषी ठहराया गया है, उनमें न्यूनतम सजा पांच साल से उम्रकैद (दफा 467 में) तक का प्रावधान है।

नहीं लड़ सकते चुनाव
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सीनियर एडवोकेट सत्यपाल जैन का कहना है कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 8 में प्रावधान है कि भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत अगर किसी व्यक्ति को सजा या जुर्माना होता है तो वह अगले छह साल के लिए चुनाव नहीं लड़ सकता। अलबत्ता, अगर कोई सांसद या विधायक या विधान परिषद सदस्य है और वह सजा या दोष के खिलाफ ऊपर की अदालत में चुनौती दे देता है तो अपील का निपटारा होने तक उसकी सदस्यता नहीं जाएगी।
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अगर दोष पर रोक लग जाए तो वह आगामी चुनाव लड़ सकता है। अन्य धाराओं में अगर दो साल से ज्यादा सजा होती है तो अपील का निपटारा होने तक सदस्यता नहीं जाएगी। लेकिन उसके दोषी होने पर रोक न लगी तो आगामी चुनाव नहीं लड़ सकता।

ये दो मामले भी कोर्ट में
- दिल्ली सीबीआई अदालत में आय से ज्यादा संपत्ति के मामले में ओमप्रकाश चौटाला, अजय चौटाला और अभय चौटाला के खिलाफ मामला चल रहा है।
- सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने एक जांच रिपोर्ट दी है, जिसमें वर्ष 2004 में एचसीएस मनोनयन में ओमप्रकाश चौटाला, इनेलो प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा समेत एक दर्जन से ज्यादा लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज करने की सिफारिश की गई है। अभी सुप्रीम कोर्ट को इस पर फैसला करना है।

कांग्रेस, भाजपा-हजकां गठबंधन को फायदा
चौटाला परिवार के दो प्रमुख सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद हरियाणा में कांग्रेस, भाजपा-हजकां गठबंधन को फायदा पहुंच सकता है। प्रदेश में कांग्रेस, इनेलो, हजकां-भाजपा गठबंधन प्रमुख दल हैं। अब 22 फरवरी को शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में इनेलो बैकफुट पर रहेगी क्योंकि कांग्रेस उनके विधायकों को इसी मसले पर घेरने का प्रयास करेगी।

इनेलो के खिलाफ विधानसभा के बाहर नेताओं को घेरने का भी प्रयास किया जाएगा। इस सूरत में आगामी चुनावी मुकाबला कांग्रेस और हजकां-भाजपा गठबंधन के बीच सिमट सकता है। इस समय इनेलो प्रदेश में काफी मजबूत है और प्रदेश सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था पर मोरचा खोल रखा है।
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