संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जल ही जीवन है। अगर स्वच्छ जल के साथ प्राणवायु ऑक्सीजन भी प्रचुर मात्रा में मिल जाए तो स्थिति सोने पर सुहागा जैसी हो जाती है। गांव निमड़-बड़ेसरा में कुछ ऐसी ही स्थिति है। यहां के जलघर से लोगों को शुद्ध पेयजल के साथ स्वच्छ हवा पर लोगों को मिलेगी। जलघर परिसर में 500 पौधों का ऑक्सीजन पार्क तैयार किया गया है। पार्क में सफेद और लाल चंदन की पौध भी लगाई गई है।
जल जीवन मिशन योजना के तहत जनस्वास्थ्य विभाग ने बाढड़ा उपमंडल के 34 गांवों को 112 करोड़ की पेयजल परियोजना की सौगात दे दी है। इसके तहत निमड़ बड़ेसरा के जलघर में आगामी 15 साल की आबादी को देखते हुए पेयजल भंडारण टैंक बनाए गए हैं। पहली बार उपमंडल के 34 गांवों में नहरी पानी की आपूर्ति शुरू हो पाई है। इसके साथ ही स्वच्छ हवा के लिए जलघर परिसर में चार एकड़ में ऑक्सीजन पार्क तैयार किया गया है। ऑक्सीजन पार्क का डिजाइन और पौधों का चयन जनस्वास्थ्य विभाग के जेई बृजेश जावला ने किया है।
- इन प्रजातियों की लगाई जा रही पौध
जलघर परिसर में रबड़ प्लांट, कैजूरेना टंपोरी, साइप्रस मोर पंख, एरेंका पाॅम, जाइलिन, टोलुइन, जरबेरा, पीपल, बीटल पाॅम, फॉक्स स्टेल पाॅम,ऑरकिड व स्नैक प्लांट आदि जैसे पौधे लगाए गए हैं जो प्रदूषित हवा को साफ करने में सहायक हैं। इनके अलावा लाल और सफेद चंदन की 25-25 पौध भी यहां लगाई गई हैं।
18 करोड़ लीटर है टैंक की भंडारण क्षमता
निमड़ बडेसरा के जलघर के टैंक की क्षमता 18 करोड़ लीटर है। नहर नहीं आने की स्थिति में टैंकों में पांच दिन तक के अतिरिक्त पानी का भंडारण रहेगा। जल संशोधन प्लांट में हर रोज 90 लाख लीटर पानी साफ किया जाता है।
इन गांवों को मिल रहा स्वच्छ पेयजल
जलघर से हंसवास खुर्द, हंसावास कलां, धनासरी, बडेसरा, नांधा, नांधा की ढाणी, जेवली, भांडवा, बाढड़ा, लाड, डालावास, हुई, कादमा, गोपालवास, नौरंगबास राजपूतान, नौरंगाबास जाटान, माईखुर्द, माईकलां, उण, टोडी, रामबास, मांढी केहर, मांढी हरिया, मांढी पिरानू, पिचोपा खुर्द, पिचोपा कलां, बिंद्रावन, बिलावल, हड़ोदा कलां, हड़ोदा खुर्द, हड़ोदी ,कांहड़ा व चांदवास आदि गांवों को स्वच्छ पेयजल मिल रहा है।
निमड़ बडेसरा स्थित हब जलघर में ऑक्सीजन पार्क तैयार किया जाएगा और इसके लिए यहां 500 पौध रोपित कर दी हैं। इस परियोजना से बाढड़ा उपमंडल के विभिन्न गांवों को शुद्ध पेयजल मिलना शुरू हो गया है। - बृजेश जावला, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग