फोटो 42 कितलाना में किसानों के धरने पर रक्षाबंधन पर्व पर राखी बांधतीं महिला।
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चरखी दादरी। रक्षाबंधन का त्योहार कितलाना टोल पर महिलाओं ने हर्षोल्लास से मनाया। किसानों के अनिश्चितकालीन धरने के 241वें दिन हिंदू समुदाय की महिलाओं ने मुस्लिम समुदाय के किसानों को राखी बांधी। वहीं किसानों ने अपना फर्ज निभाते हुए उनकी रक्षा का वचन दिया।
सेवानिवृत्त कर्मचारी शब्बीर हुसैन ने कहा कि कृषि कानूनों के विरुद्ध नौ महीने से चल रहे जनांदोलन में बहन- बेटियों ने सर्वसमाज का जो साथ दिया है वो अविस्मरणीय एवं अवर्णनीय है। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर चाहे भारत बंद हो या रोड रोको कार्यक्रम हो चाहे हिसार या रोहतक में किसानों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ आंदोलन की बात हो हर मौके पर बहन-बेटियों ने किसान, मजदूर भाइयों का कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया है।
धरने के 241वें दिन सांगवान खाप 40 से नरसिंह सांगवान डीपीई, श्योराण खाप से बिजेंद्र बेरला, किसान सभा से प्रताप सिंह सिंहमार, दिलबाग ढुल, सुभाष यादव, कमल सांगवान व सुशीला घणघस ने संयुक्त नर सिंह ने कहा कि राजपूत महारानी कर्णावती ने चित्तौड़ की जनता का सम्मान बचाने के लिए मुगल बादशाह हुमांयू के पास राखी भिजवाई थी। बादशाह हुमांयू ने अपना बंगाल जीत का दौरा बीच में छोड़ककर चित्तौड़ पर हमलावर गुजरात के बादशाह बहादुरशाह को हराया था और बहन कर्णावती व उनकी जनता का सम्मान किया था। इस अवसर पर किसान सभा के कामरेड ओमप्रकाश, सूरजभान झोझू, सुरेंद्र कुब्जानगर, रणधीर घिकाड़ा, कमल ,जगदीश, धर्मेंद्र छपार, रणधीर कुंगड़, शब्बीर हुसैन, सुलतान खान, सतीश सांगवान, सूबेदार सतबीर सिंह, चंद्र सिंह, आदि मौजूद रहे।