अपनी पत्नी नेहा के साथ मृतक नवीन।
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चरखी दादरी। थोड़ी सी लापरवाही से हुए सड़क हादसे कई परिवारों को जीवन भर का दर्द दे जाते हैं। इन हादसों में अपनों को खोने वालों के मन की पीड़ा का अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता। दिल्ली रोड पर जलेबी चौकी के समीप आठ माह पहले ऐसा ही एक हादसा हुआ जिसमें दो दोस्तों की मौत हो गई। हादसे का कारण आरोपी चालक के वाहन की तेज रफ्तार रहा और इस एक हादसे ने दो परिवारों को जीवन भर का दर्द दिया। हादसे में वार्ड-पांच निवासी नवीन और उसके दोस्त वार्ड-आठ निवासी श्याम की मौत हो गई। नवीन के माता-पिता की मौत हो चुकी थी और परिवार में दो बहनों का वो इकलौता सहारा था। हादसे में उसकी मौत होने से घर को ताला ही लग गया। वहीं, दूसरा युवक श्याम दो भाइयों में बड़ा था और गुरुग्राम की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी कर श्रमिक पिता का घर का चूल्हा जलाने में मदद करता था। संवाददाता ने हादसे में जान गंवाने वाले दोनों परिवारों के सदस्यों से बातचीत की।
दोनों दोस्त गुरुग्राम में करते थे जॉब
जलेबी चौक के समीप हुए हादसे में जान गंवाने वाले श्याम के दादा साधुराम ने बताया कि उसका पोता गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में जॉब करता था। उसका बेटा श्रमिक कर घर चलाता है और श्याम नौकरी कर परिवार चलाने में अपने पिता का हाथ बंटाता था। वहीं, मृतक नवीन के चाचा दिनेश कुमार ने बताया कि हादसे से एक माह पहले ही नवीन ने गुरुग्राम की एक कंपनी में बतौर मैनेजर नौकरी ज्वाइन की थी।
नवीन की डेढ़ माह पहले हुई थी शादी, श्याम था अविवाहित
दिनेश कुमार ने बताया कि नवीन दो बहनों का इकलौता भाई था और माता-पिता की मौत के बाद उनका एकमात्र सहारा था।नवीन की शादी हादसे डेढ़ माह पहले ही नेहा से हुई थी। वहीं, साधुराम ने बताया कि उनका पोता श्याम अविवाहित था और उसका छोटा भाई पढ़ाई करता है।
हादसे का आरोपी चालक अभी भी फरार
दिनेश और साधुराम ने बताया कि हादसे को आठ माह बीत चुके हैं और अब तक उस चालक का पता नहीं लग पाया है जिसने श्याम और नवीन की बाइक को टक्कर मारी थी। उन्होंने कहा कि बाइक को टक्कर मारने वाला चालक अगर तेज रफ्तार में न होता तो दोनों परिवारों को ये दर्द नहीं मिलता।