चरखी दादरी। जिले में लगातार कोरोना के केस मिले रहे हैं, लेकिन हालात चिंताजनक नहीं है। इस समय लोग लापरवाही छोड़ अगर एहतियात बरतते हैं तो कोरोना पर आसानी से काबू पाया जा सकता है। अब तो पूरे देश में कोरोना केस बढ़ रहे हैं और इसके मुकाबले जिले में केस काफी कम हैं। यह बात सीएमओ डॉ. सुदर्शन पंवार ने संवाददाता से बातचीत करते हुए कही।
जिले में पिछले 16 दिनों में 143 कोरोना संक्रमित मिले चुके हैं और लगातार संक्रमितों का इजाफा हो रहा है। लगातार ऊपर जा रहे कोरोना संक्रमितों के ग्राफ पर सीएमओ डॉ. सुदर्शन पंवार ने कहा कि जिले में अभी चिंताजनक सामान्य हैं। फिलहाल कोई संक्रमित स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती नहीं है, लेकिन पीएचसी और सीएचसी से लेकर कोविड अस्पताल तक विभाग की तैयारियां पूरी हैं। पेश है अमर उजाला के सवालों और सीएमओ के जवाबों पर आधारित एक रिपोर्ट.....
1- सवाल : 28 दिसंबर के बाद लगातार जिले में कोरोना केस मिल रहे हैं, क्या कहेंगे?
जवाब: ये सही बात है कि कोरोना केस लगातार मिल रहे हैं, लेकिन दादरी जिले में संक्रमण दर अभी कम है। लोगों को घबराने की बजाय लापरवाही छोड़ एहतियात बरतने की जरूरत है।
2- सवाल : कोरोना का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है, इसके मद्देनजर विभाग की क्या तैयारियां हैं?
जवाब: इस बार हमने पीएचसी और सीएचसी पर बेड समेत ऑक्सीजन सिलिंडर, ऑक्सीमीटर व कंसंट्रेटर समेत अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की हुई है। हमारी अन्य तैयारियां भी पूरी हैं।
3- सवाल : जो केस बढ़ रहे हैं, इसका क्या कारण है?
जवाब: हमने सैंपलिंग बढ़ाई है और इसके चलते ही ये केस पकड़ में आ रहे हैं। हम केवल उन्हीं के सैंपल ले रहे हैं, जिनमें लक्षण नजर आते हैं। अब प्रतिदिन औसत 900 सैंपल लिए जा रहे हैं।
4- सवाल: आप तैयारियां पूरी होने की बात कह रहे हैं, लेकिन ज्यादातर स्वास्थ्य केंद्रों पर जेनरेटर नहीं है?
जवाब: कुछ स्वास्थ्य केंद्र हमारी हॉट लाइन से कनेक्ट हैं जबकि बाकी सभी जगह इंवर्टर की सुविधा है। डीसी रेडक्रॉस से सभी स्वास्थ्य केंद्रों के लिए हमें 16 जेनरेटर मुहैया करवा रहे हैं।
5- विभाग के पास क्या-क्या संसाधन इस समय हैं?
जवाब : इस समय हमारे पास 945 बेड हैं जिनमें से 485 ऑक्सीजेन बेड हैं। इनके अलावा 31 वेंटिलेटर, 700 से अधिक सिलिंडर, 500 होम आइसोलेट किट, 700 से अधिक ऑक्सीजन सिलिंडर समेत अन्य सभी संसाधन हैं।
6- सवाल: होम आइसोलेट संक्रमित क्या ख्याल रखें?
जवाब: जिले में सभी कोरोना सक्रिय केस होम आइसोलेट हैं। संक्रमित सात दिन तक किसी के संपर्क में न आएं और कोविड गाइडलाइन समेत खान-पान का ध्यान रखे तो कोरोना को आसानी से मात दी जा सकती है।