चरखी दादरी। मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना को जिला प्रशासन के सभी अधिकारी और बैंक प्रबंधक गंभीरता से चलाएं। इसमें कोताही करने वाले अधिकारी के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी. उमाशंकर ने ये चेतावनी दी। कॉन्फ्रेंसिंग में अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. मुनीष नागपाल, सुशासन सहयोगी दिनेश कुमार, उपनिदेशक डॉ. जसवंत जून व डॉ. तुलसीराम आदि मौजूद रहे।
वी. उमाशंकर ने कहा कि यह योजना मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसे कामयाब बनाना हर एक अधिकारी का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि किसी बैंक में इस योजना के लाभपात्र का लोन नहीं स्वीकृत किया जा रहा है तो उस बैंक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी। प्रशासन के सभी खाते उस बैंक में बंद कर दिए जाएंगे। इसके अलावा बैंक प्रबंधक के खिलाफ उच्च अधिकारियों को लिखा जाएगा। प्रधान सचिव वी. उमाशंकर ने कहा कि किसी विभाग में मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना का एक भी आवेदन 15 दिनों से अधिक लंबित रहा तो उसके अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को समाज कल्याण विभाग के एसीएस विनीत गर्ग व महानिदेशक मंदीप सिंह बराड़ ने भी संबोधित किया।
अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. मुनीष नागपाल ने बताया कि जिले में दो बार अंत्योदय उत्थान मेलों का आयोजन हो चुका है। इनमें 2727 व्यक्तियों को बुलाया गया था। जिनमें से 2112 लोग आए और 1908 ने विभिन्न योजनाएं के लिए आवेदन किया। इनमें से 1141 आवेदकों के आवेदन मंजूर हुए। बैंकों ने 540 लोन स्वीकृत किए। जिनमें से 114 आवेदकों को राशि दी जा चुकी है। इसके अलावा बैंकों ने 711 आवेदन नामंजूर किए हैं। फिलहाल 56 आवेदन लंबित हैं।
- अस्वीकृत आवेदनों पर दोबारा होगी कार्रवाई
अतिरिक्त उपायुक्त ने इस योजना की वीसी रूम में ही समीक्षात्मक बैठक ली। उन्होंने कहा कि जो आवेदन अस्वीकृत हुए हैं, उन पर विभागों की ओर से दोबारा कार्रवाई शुरू की जाए। अंत्योदय परिवार का सदस्य पशुपालन विभाग की स्कीम न लेना चाहे तो उसको महिला विकास निगम, कौशल रोजगार योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, सेल्फ हेल्प ग्रुप, मत्स्य पालन आदि के दूसरे विकल्प दिए जाएं। उन्होंने कहा कि दादरी और बाढड़ा के एसडीएम लाभपात्रों के आवेदनों पर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।