चरखी दादरी। दिवाली के बाद से ही जिले में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। रविवार को प्रदूषण का अधिकतम स्तर 400 और औसतन स्तर 324 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके चलते हवा की स्थिति बेहद खराब रही। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो प्रदूषण का स्तर बढ़ने के चलते बुजुर्ग और श्वास रोगी सुबह की सैर से गुरेज करें।
दादरी जिले में पिछले एक सप्ताह से प्रदूषण का स्तर सही नहीं है। पिछले पांच दिनों से तो हवा की स्थिति बेहद खराब है। सुबह और शाम के समय आसमान में स्मॉग की चादर छाई रही है, जिससे आंखों में जलन की शिकायतें सामने आ रही हैं। रविवार को जिले में प्रदूषण का न्यूनतम स्तर 244 एक्यूआई रहा जबकि अधिकतम स्तर 400 एक्यूआई तक पहुंच गया। हालांकि आंखों में जलन को छोड़कर चर्म रोग या अन्य समस्याओं से ग्रस्त लोग अभी अस्पताल नहीं पहुंचे हैं, लेकिन अगर प्रदूषण कम नहीं हुआ तो फिर इनके रोगियों की संख्या भी बढ़ सकती है। जिले में पिछले एक सप्ताह की प्रदूषण की स्थिति देखें तो स्तर लगातार 300 एक्यूआई से पार चल रहा है। दिवाली पर आतिशबाजी के चलते प्रदूषण का स्तर बढ़ा था, लेकिन पिछले पांच दिनों से आतिशबाजी न होने के बाद भी प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ना चिंता का विषय है।
सफाई कर्मियों की हड़ताल भी बनी प्रदूषण की वजह
19 अक्तूबर से सफाई हड़ताल पर थे। 12 दिन चली हड़ताल के कारण शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए। जिसके कारण कूड़ा कचरा इधर-उधर फैलने लगा। इसका उठान न होने के चलते इसके निस्तारण के लिए लोग इसमें आग लगाने लगे। इसका सीधे तौर पर पर्यावरण पर पड़ा और एक्यूआई की स्तर बढ़ गया।
- न्यूनतम तापमान में आ रही गिरावट
ठंड का आगाज होने से न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। शनिवार के मुकाबले रविवार को भी न्यूनतम तापमान दशमलव आठ डिग्री कम हुआ है। शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15.6 डिग्री दर्ज किया गया था। रविवार को जिले का न्यूनतम तापमान 14.8 डिग्री दर्ज किया गया।
- एक्सपर्ट व्यू: इस समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत: डिप्टी सीएमओ
प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर बुजुर्ग और श्वास रोगियों को दिक्कतें होती हैं। इस समय बुजुर्ग और श्वास रोगी सुबह-शाम की सैर से गुरेज करें। आंखों पर चश्मा लगाकर ही घर से बाहर निकलें और वापस आते ही आंखों को ठंडे पानी से धोएं।
-डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ