वर्ष 2023 दादरी रोडवेज डिपो के लिए ठीकठाक रहा। इस वर्ष डिपो के बेड़े में बसों की संख्या बढ़ी है। जनवरी से लेकर दिसंबर तक डिपो को 58 नई बसें मिली हैं जिनमें 48 बड़ी और 10 छोटी बसें हैं। वहीं, इस समयावधि में डिपो के बेड़े में शामिल 20 पुरानी बसें जर्जर भी हुई हैं। ओवरऑल स्थिति देखें तो डिपो के बेड़े में 10 बसें बढ़ी हैं।
वर्ष 2023 की शुरुआत में डिपो के बेड़े में 97 बसें शामिल थीं। अब इनकी संख्या 107 है और इनके अतिरिक्त किलोमीटर स्कीम के तहत 15 अन्य बसों का भी डिपो से संचालन हो रहा है। सरकार ने वर्षभर में डिपो को 58 नई बसों की सौगात दी है, जिससे लंबे रूटों पर सफर आसान हो गया है। खास बात ये है कि लंबे रूटों पर नई बसें लगाने के बाद एक भी बस रास्ते में खराब नहीं हुई है और यात्री समय से और सुविधाजनक यात्रा कर अपने गंतव्य तक पहुंचे हैं।
बता दें कि दादरी डिपो की बसों में प्रतिदिन करीब 30 हजार यात्री सफर करते हैं और डिपो को प्रतिदिन 10 से 12 लाख का राजस्व प्राप्त होता है। वर्ष 2022 के मुकाबले दादरी डिपो के लिए वर्ष 2023 अच्छा रहा। अब डिपो के बेड़े में शामिल 55 प्रतिशत बसें नई हैं। वहीं, गत वर्ष यात्रियों को बसों की कमी से जूझना पड़ रहा था। नियमों की बात करें तो अभी भी 55 बसों की कमी बनी हुई है।
- 118 बसें दौड़ रही हैं रूटों पर
रोडवेज विभाग के पास 107 बसें हैं और सभी ऑन रोड हैं, जिनमें से चार चालक प्रशिक्षण केंद्र की हैं। इसके अलावा 15 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत विभिन्न रूटों पर दौड़ाई जा रही हैं। रोडवेज अधिकारी इस समय यात्रियों के लिए 118 बसें विभिन्न रूटों पर चला रहे हैं।
- दादरी से अलग होकर भिवानी डिपो में मिला लोहारू सब डिपो
पिछले लंबे समय से लोहारू सब डिपो दादरी डिपो के अधीन था। गत मई माह में सरकार ने लोहार सब डिपो को भिवानी डिपो के अधीन कर दिया। इसके तहत यहां की बसें और स्टॉप का समायोजन भी भिवानी डिपो में किया गया।
इस वर्ष दादरी डिपो को 58 नई बसें मिली हैं जिससे बसों की कमी काफी हद तक दूर हुई है। एक और नई बस के रुपये जमा करवा चुके हैं और वो भी जल्द ही डिपो के बेड़े में शामिल हो सकती है। यात्रियों को बेहतर यात्रा का लाभ देने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।
-दीपक कुमार, रोडवेज संस्थान प्रबंधक