चरखी दादरी। हरियाणा विद्यालय बोर्ड द्वारा शुक्रवार को घोषित किए गए दसवीं कक्षा के परिणाम में चरखी दादरी जिला प्रदेश में तीसरे स्थान पर रहा है। जिले का ओवरऑल परीक्षा परिणाम 82.12 फीसदी रही। 7285 विद्यार्थी परीक्षा में प्रविष्ट हुए, जिनमें से 6130 पास हुए। जिले के 392 परीक्षार्थियों के कंपार्टमेंट आई है। बारहवीं कक्षा की तरह ही दसवीं के परिणाम में भी जिले की बेटियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। भांडवा स्थित प्रज्ञा स्कूल की छात्रा सुनैना 497 अंक लेकर प्रदेश में दूसरे पायदान पर रही है।
बता दें कि दो दिन पहले घोषित बारहवीं कक्षा के परिणाम में दादरी जिले ने प्रदेश में टॉप किया था। बारहवीं का परिणाम 90.85 प्रतिशत रहा था। हालांकि बारहवीं के परिणाम में जिले का एक भी परीक्षार्थी प्रदेश की टॉप तीन सूची में जगह नहीं बना पाया था। यह कमी शुक्रवार को घोषित दसवीं के परिणाम में पूरी हो गई है। दसवीं के परिणाम बाढड़ा क्षेत्र के स्कूल की छात्र सुनैना ने प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल कर जिले को गौरवान्वित किया है।
दादरी जिले में दसवीं कक्षा की परीक्षा में 3343 छात्राएं प्रविष्ट हुई थीं और उनमें से 2879 पास हुई हैं जबकि 180 की कंपार्टमेंट आई है। बेटियों का पास प्रतिशत 86 फीसदी रहा। इसी प्रकार दसवीं की परीक्षा में 3944 छात्र प्रविष्ट हुए थे। इनमें से 3255 पास हुए हैं जबकि 212 की कंपार्टमेंट आई है। बेटों का पास प्रतिशत 82.53 फीसदी रहा।
जिला टॉपर्स : कोई वैज्ञानिक तो कोई बनना चाहता है डॉक्टर
1 - वैज्ञानिक बनना चाहता है प्रियांशु
सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र प्रियांशु ने दसवीं की परीक्षा में 500 में से 495 अंक लेकर जिले में दूसरा स्थान हासिल किया है। प्रियांशु ने बताया कि उसने स्कूल के अलावा कोई अन्य जगह कोचिंग नहीं ली। उसने चार से पांच घंटे पढ़ाई करने के बजाए सिलेबस को कवर करने पर फोकस किया और प्रतिदिन सिलेबस का कुछ हिस्सा कवर किया। प्रियांशु ने बताया कि उसके पिता छोटेलाल शास्त्री का काफी समय पहले ही देहांत हो चुका है जबकि उसकी मां दीपा रानी गृहिणी है। प्रियांशु बड़ा होकर वैज्ञानिक बनना चाहता है और देश सेवा करना चाहता है।
2 - डॉक्टर बनना चाहती है निक्की
बीएसएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा निक्की ने 500 में से 494 अंक हासिल कर जिला स्तर पर संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया है। परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने का श्रेय निक्की ने रिविजन और मॉक टेस्ट को दिया। इसके अलाव छात्रा ने बताया कि उसके शिक्षकों ने जो क्लास में पढ़ाया, उसका अच्छे से रिविजन करना टर्निंग प्वाइंट रहा। निक्की ने बताया कि उसका पंसदीदा विषय बायोलॉजी है। वह बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती है। निक्की ने बताया कि उसके पिता सुखबीर खेती करते हैं और मां मुकेश गृहिणी हैं।
3 - दादा ने करवाई तैयारी, पोती रिषा जिले में रही तृतीय
आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा रिषा 500 में से 494 लेकर जिला स्तर पर संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया है। रिषा ने बताया कि परीक्षा से पहले उसने अच्छे से सिलेबस को पूरा किया। फिर रिविजन और मॉक टेस्ट के कारण वह अच्छे अंक प्राप्त कर पाई। रिषा ने बताया कि उसके पिता दिनेश का खुद का बिजनेस है और माता संतोष गृहिणी है। इसके अलावा उसके दादा रिटायर्ड सैनिक हैं और फिलहाल सरकारी टीचर हैं। रिषा ने बताया कि उसके दादा ने घर पर ही उसकी परीक्षा की तैयारी करवाई। जिसके कारण वह अच्छे अंक हासिल कर पाई। इसके अलावा इस दौरान मोबाइल फोन से भी दूरी बनाई रखी। रिषा बड़ी होकर ऐक्चुअरी (गणित और सांख्यिकीय तरीकों का प्रयोग करके बिजनेस में रिस्क का आंकलन करना वाला विशेषज्ञ) बनना चाहती है।
4 - डॉक्टर बनना है अन्नु का सपना -
द्रोणाचार्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा अन्नु ने 500 में से 494 अंक हासिल कर जिला स्तर पर संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया है। अन्नु ने बताया कि वह स्कूल के अलावा घर पर आकर अलग से पांच से छह घंटे पढ़ाई करती थी। इसके अलावा परीक्षा के समय रिविजन से उसे अच्छे अंक हासिल करने में मदद मिली। उसका पसंदीदा विषय बायोलॉजी है। वह बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती है। अनु ने बताया कि उसके पिता अशोक किसान हैं जबकि मां राजबाला गृहिणी है। अन्नु का कहना है कि उसका पूरा फोकस सपने को साकार करने पर है।