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58 जल घरों के टैंक सूखे, साढ़े पांच लाख लोग झेल रहे पेयजल संकट

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चरखी दादरी। गत नहरी टर्म पर भरे गए जिले के 58 जल घरों के टैंक खाली हो चुके हैं और इसके चलते जिले में पेयजल संकट गहराया हुआ है। शहर के दोनों जल घरों के टैंकों में भी पानी तलहटी में पहुंच चुका है और जन स्वास्थ्य विभाग ट्यूबवेल के पानी की आपूर्ति कर रहा है। साढ़े पांच लाख की आबादी इस समय पेयजल संकट झेल रही है और पांच से छह दिन बाद नहरों में पानी पहुंचने के बाद ही उन्हें पेयजल संकट से राहत मिलने की उम्मीद है।
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जिले के सभी 58 जल घरों के टैंक खाली हो चुके हैं। इस समय शहर और गांवों में ट्यूबवेल का पानी सप्लाई किया जा रहा है, जिसे लोग किसी काम में इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। वहीं, सिंचाई विभाग का तर्क है कि नहरों में पानी आते ही जन स्वास्थ्य विभाग से तालमेल कर जल घरों और तालाबों को प्राथमिकता से भरा जाएगा।
इस बार नहरों में पानी की टर्म 24 दिन (15 के बजाए 24 दिन बाद पानी) की होने से जिले के जल घरों में अब पानी खत्म हो गया है। शहर के दोनों जल घरों के छह वाटर स्टोरेज टैंक खाली हो चुके हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के जल घरों की भी यही स्थिति है। गर्मी में पेयजल को लेकर अब हालात खराब होने लगे हैं। मजबूरी वश शहरवासी इस समय पानी के टैंकर खरीदने को विवश हैं।
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पिछली टर्म में 25 मई को को जिले की मेन लोहारू कैनाल और बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी में पानी छोड़ा गया था। इसके बाद आठ जून को पानी बंद हुआ था। इस दौरान 850 क्यूसेक पानी मिला था। जिले में 15 दिन में 900 क्यूसेक पानी की खपत है। इस बार नहरों में पानी की टर्म 15 की बजाय बढ़ाकर 24 दिन की गई थी। इसलिए टैंक भरने के बाद भी खाली हो गए। नई टर्म के अनुसार नहरी पानी इस बार भी 15 दिन के बजाए 24 दिन के बाद आएगा।
- दस ट्यूबवेलों से शहर में हो रही आपूर्ति
इस समय शहर के मेन चंपापुरी और रामनगर जल घर के टैंक खाली हो चुके हैं। विभाग इसके चलते 10 ट्यूबवेलों का सहारा लेकर शहर में आपूर्ति कर रहा है। इस पानी का टीडीएस काफी अधिक है और लोग इसे पीने या रसोईघर में उपयोग नहीं कर सकते हैं। शहर में नियमित पेयजल आपूर्ति न होना भी बड़ी समस्या है।
- कम भंडारण क्षमता के चलते बन रहा पेयजल संकट
शहर में पानी की स्टोरेज क्षमता कम है और इस वजह से समय-समय पर पानी का संकट बना रहता है। शहर के लिए कम से कम एक माह की स्टोरेज क्षमता होनी चाहिए, तब जाकर पानी की किल्लत दूर हो सकती है। विभाग ने पेयजल स्टोरेज क्षमता बढ़ाने के लिए नए वाटर टैंक निर्माण की योजना तैयार कर रखी है, लेकिन वो अभी कागजों तक सीमित है।
- लोग बोले: 450 से 500 रुपये में खरीद रहे पानी के टैंकर
वार्ड-सात निवासी मोहन, रविंद्र, सतीश, वार्ड-दो निवासी दीपेश, नरेंद्र, रवि, सुनीता, कविता और अंजलि, वार्ड-16 निवासी निशा, सविता और सावित्री आदि ने बताया कि पेयजल संकट गहराने से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी वश उन्हें 400 से 450 रुपये देकर टैंकर डलवाना पड़ रहा है। घरों में एक सप्ताह में एक टैंकर पानी की खपत है।
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वर्जन::
नहरों में पानी पहुंचते ही जिले के सभी जल घरों और तालाबों को प्राथमिकता से भर दिया जाएगा। हमारी टीमें लगातार साइटों का निरीक्षण भी करेंगी। इंडेंट हम भेज चुके हैं और 30 जून तक नहरों में पानी आने की उम्मीद है।
- ओमदत्त, एसडीओ, सिंचाई विभाग।
नहरों में पानी आने का इंतजार है और इसके तुरंत बाद हम सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ तालमेल कर प्राथमिकता से सभी जल घरों को भरवाएंगे। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर शहर में ट्यूबवेल मिक्स पानी की आपूर्ति करनी पड़ रही है।
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- सोहनलाल, एसडीओ, जन स्वास्थ्य विभाग।
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