चरखी दादरी। स्थानीय लेखा परीक्षा विभाग के निलंबित लेखा परीक्षक ने महिला लेखा परीक्षा अधिकारी और दो अन्य पर एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज करवाया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि महिला अधिकारी ने उसे लेखा परीक्षक बिलों की प्री-ऑडिट करने से न केवल रोका बल्कि झूठी शिकायत कर उसे निलंबित भी करवा दिया।
पुलिस को दी शिकायत में महराणा निवासी करतार ने बताया कि वो लेखा विभाग में लेखा परीक्षक के तौर पर कार्यरत है और उनका कार्यालय म्यूनिसिपल कॉम्प्लेक्स में है। उसने बताया कि महिला लेखा अधिकारी ने प्रोसिडिंग बुक, कैशबुक ग्रांट्स इन एड और ठेकेदारों के बिलों का लेखा परीक्षण करने से रोकने के साथ झूठे आरोप लगाकर उसे निलंबित करवा दिया।
शिकायतकर्ता ने बताया कि महिला लेखा अधिकारी के पास कुछ ठेकेदार आते हैं और उसके अनुसूचित जाति से होने के कारण आपसी बातचीत में असंवैधानिक भाषा का प्रयोग करते हैं। उसने बताया कि जब इन प्राइवेट लोगों का कार्यालय में आना बंद करवाया तो महिला लेखा अधिकारी ने झूठे आरोप लगाकर उसे निलंबित करवा दिया। पुलिस ने उसकी शिकायत पर केस दर्ज कर आरोपों की जांच शुरू कर दी है।